विनोद नेताम ( वरिष्ठ पत्रकार)
छत्तीसगढ़/विशेष रिपोर्ट _
बस्तर के जिंदा शेर और गरीब आदीवासियों की बुलंद अवाज के तौर पर पहचाने जाने वाले सबका दादी अर्थात कवासी लखमा जल्द ही सलाखों के पिंजरे से बाहर निकल कर बस्तर की वादियों में एक फिर दहाड़ने के लिये आने वाले है।
कवासी लखमा के जेल जाने के बाद से दक्षिण बस्तर के भीतर में बहुत कुछ बदलाव देखने को मिला है। ऐसे में काफी लंबे अंतराल के बाद और बदलाव के बीच में कवासी लखमा जेल से बाहर निकलने वाले है। अब ऐसे में देखने वाली बात यह होगी कि उनके जेल से वापस आने के बाद और क्या क्या बदलाव लोगों को देखने के लिए मिलेगा।
शराब घोटाले के मामले में आरोपी पूर्व आबकारी मंत्री कवासी लखमा को मंगलवार को सुप्रीम कोर्ट ने ज़मानत दे दी है।चीफ जस्टिस सूर्यकांत की अगुवाई वाली बेंच ने लखमा की ज़मानत याचिका पर सुनवाई की। पूर्व मंत्री के वकील फैसल रिजवी ने कहा कि लखमा को EOW-ACB और ED दोनों के दायर मामलों में जमानत दी गई थी।
सुप्रीम कोर्ट में करीब ढाई घंटे सुनवाई
लखमा कुछ ही दिनों में रिहा हो जाएंगे। उन्हें अपना पासपोर्ट भी जमा करना होगा और अपना मौजूदा पता और मोबाइल नंबर संबंधित पुलिस स्टेशन में रजिस्टर कराना होगा। वकील हर्षवर्धन परगनिहा ने सुप्रीम कोर्ट में कवासी लखमा की तरफ से केस लड़ा। उन्होंने बताया कि सुप्रीम कोर्ट ने मंगलवार को करीब ढाई घंटे तक केस की सुनवाई की।
ED ने 15 जनवरी, 2025 को कवासी लखमा को गिरफ्तार किया था। उनसे सात दिन तक रिमांड पर पूछताछ की गई। फिर उन्हें 21 जनवरी से 4 फरवरी तक ज्यूडिशियल रिमांड पर जेल भेज दिया गया। तब से कवासी लखमा रायपुर सेंट्रल जेल में बंद हैं। बता दें कि दो महीने पहले कांग्रेस पार्टी ने जेल में बंद कवासी लखमा के इलाज में लापरवाही का आरोप लगाया था।
अब जानिए क्यों हुई लखमा की गिरफ्तारी
ED का आरोप है कि पूर्व मंत्री और मौजूदा MLA कवासी लखमा सिंडिकेट का अहम हिस्सा थे।
सिंडिकेट लखमा के इशारे पर चलता था। उन्होंने शराब सिंडिकेट को मदद दी। शराब पॉलिसी बदलने में भी उनका अहम रोल था। कवासी लखमा के कहने पर ही छत्तीसगढ़ में FL-10 लाइसेंस शुरू किया गया था।
ED का दावा है कि लखमा को एक्साइज डिपार्टमेंट में हो रही गड़बड़ियों के बारे में पता था, लेकिन उन्होंने उन्हें रोकने के लिए कुछ नहीं किया।

अमित कुमार मंडावी बालोद, छत्तीसगढ़ आधारित अनुभवी वरिष्ठ पत्रकार हैं, जिन्हें पत्रकारिता के क्षेत्र में 8 वर्षों से अधिक का अनुभव है। वे जमीनी स्तर की सटीक रिपोर्टिंग और निष्पक्ष पत्रकारिता के लिए पहचाने जाते हैं। वर्तमान में वे Chhattisgarhjunction.in के माध्यम से अपराध, प्रशासन, सामाजिक मुद्दों, ग्रामीण समस्याओं और जनहित से जुड़ी खबरों को प्रमुखता से सामने लाते हैं।

