गुरूर विकासखंड में ‘बिहान’ योजना: कागज़ों पर सशक्तिकरण, ज़मीनी हकीकत पर उठे सवाल।

Vinod Netam

बालोद । गुरुर । विशेष रिपोर्ट_

बालोद जिला के गुरूर विकासखंड क्षेत्र में सरकार की महत्वाकांक्षी बिहान योजना के तहत लगभग हर ग्राम पंचायत में महिला स्वयं सहायता समूह सक्रिय हैं।कागज़ों पर यह मॉडल ग्रामीण अर्थव्यवस्था को सशक्त करने और महिलाओं को आर्थिक आत्मनिर्भरता की राह पर आगे बढ़ाने का मजबूत माध्यम बताया जाता है।लेकिन जमीनी हकीकत तस्वीर का दूसरा पहलू भी दिखा रही है।
सवालों के घेरे में कुछ समूहों की कार्यशैली
स्थानीय स्तर पर लगातार ऐसी सूचनाएँ सामने आ रही हैं कि कई स्वयं सहायता समूहों से जुड़ी महिलाएँ सरकार से मिले आर्थिक सहयोग का उपयोग तय उद्देश्यों के बजाय निजी स्तर पर आगे ऋण देने (मनी लेंडिंग) में कर रही हैं। यदि यह तथ्यात्मक रूप से सही है, तो यह न केवल योजना की मूल भावना के विपरीत है बल्कि पारदर्शिता और जवाबदेही पर भी गंभीर प्रश्न खड़े करता है।
बिहान योजना का उद्देश्य महिलाओं को लघु उद्यम, उत्पादन और सामुदायिक विकास से जोड़ना है, न कि अनौपचारिक वित्तीय लेन-देन के माध्यम से लाभ कमाने का साधन बनना।
लेकिन तस्वीर का सकारात्मक पक्ष भी

इसी क्षेत्र में कई महिला समूह ऐसे भी हैं जो पूरी निष्ठा से योजना के उद्देश्यों को साकार करने में जुटे हैं। होली के अवसर पर गुरूर जनपद क्षेत्र में कुछ महिला स्वयं सहायता समूहों द्वारा फूलों से प्राकृतिक रंग तैयार किए गए हैं। यह पहल न केवल पर्यावरण के अनुकूल है बल्कि स्थानीय स्तर पर स्वरोजगार और आय सृजन का भी सशक्त उदाहरण है।
जरूरत है संतुलित निगरानी और प्रोत्साहन की
प्रशासन को चाहिए कि वह सभी समूहों का नियमित सामाजिक अंकेक्षण (Social Audit) सुनिश्चित करे।
जिन समूहों पर अनियमितता के आरोप हैं, उनकी पारदर्शी जांच हो।
जो समूह उत्कृष्ट कार्य कर रहे हैं, उन्हें प्रोत्साहन और अतिरिक्त अवसर दिए जाएं।
महिला स्वयं सहायता समूह ग्रामीण अर्थव्यवस्था की रीढ़ बन सकते हैं, बशर्ते योजना का लाभ सही दिशा में और सही हाथों तक पहुंचे। गुरूर क्षेत्र में अब असली चुनौती यही है, विश्वास और व्यवस्था, दोनों को मजबूत बनाए रखना।

By Amit Mandavi

अमित कुमार मंडावी बालोद, छत्तीसगढ़ आधारित अनुभवी वरिष्ठ पत्रकार हैं, जिन्हें पत्रकारिता के क्षेत्र में 8 वर्षों से अधिक का अनुभव है। वे जमीनी स्तर की सटीक रिपोर्टिंग और निष्पक्ष पत्रकारिता के लिए पहचाने जाते हैं। वर्तमान में वे Chhattisgarhjunction.in के माध्यम से अपराध, प्रशासन, सामाजिक मुद्दों, ग्रामीण समस्याओं और जनहित से जुड़ी खबरों को प्रमुखता से सामने लाते हैं।

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