रक्षक ही निकले भक्षक! “खाकी हुई शर्मसार” गांजा तस्करी में दो आरक्षक गिरफ्तार।

Vinod Netam

छत्तीसगढ़/जशपुर/तपकरा/विशेष रिपोर्ट_
छत्तीसगढ़ में नशे के खिलाफ ‘जीरो टॉलरेंस’ का ढोल पीटने वाली सरकार के दावों की पोल जशपुर में खुल गई। तपकरा थाने के दो आरक्षक,धीरेंद्र मधुकर और अमित त्रिपाठी,खुद गांजा सप्लाई चेन के हिस्सेदार निकले। तेलीटोली में हुई पुलिसिया रेड ने जैसे पूरे सिस्टम को आईना दिखा दिया।
एक तरफ सत्ता पर काबिज सरकार मंचों से नशे के खिलाफ कड़ी कार्रवाई का दम भरती है, दूसरी तरफ खाकी पहनने वाले ही नशे के कारोबार में लिप्त पाए जाते हैं। सवाल सीधा है,जब रक्षक ही भक्षक बन जाएं, तो जनता किस पर भरोसा करे?
12.42 किलो गांजा और सीधे पुलिस तक पहुंची कड़ियां
सूत्रों के मुताबिक 12.42 किलो गांजा बरामद हुआ। जांच आगे बढ़ी तो तार सीधे पुलिस विभाग से जा मिले। यह कोई मामूली मात्रा नहीं थी।

होली के दौरान शहर में खपाने की तैयारी थी। त्योहार को जहर में बदलने की साजिश, और उसमें शामिल खाकी!
पहले भी लगे हैं दाग
राजधानी रायपुर में कुछ दिन पहले एक आरक्षक नशे की पुड़िया बेचते पकड़ा गया था। अब जशपुर में दो आरक्षक गिरफ्तार। क्या यह महज संयोग है या सिस्टम के भीतर सड़ांध गहरी है?
जब पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने विधानसभा में चर्चित नशा प्रकरण में आरोपी मॉडल नव्या मलिक के तार रसूखदार घरानों से जुड़े होने का सवाल उठाया था, तब सरकार के पास ठोस जवाब क्यों नहीं था? क्या बड़े नामों पर पर्दा डालने की कोशिश हो रही है?
डबल इंजन की गारंटी या दोमुंही नीति?
प्रदेश के मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के सुशासन के दावों पर अब सवाल खड़े हो रहे हैं। अगर पुलिस महकमे के भीतर ही उगाही और अवैध धंधों को संरक्षण देने का खेल चल रहा है, तो जिम्मेदारी किसकी तय होगी?
नशे के खिलाफ जंग सिर्फ भाषणों से नहीं जीती जाती। जब तक सिस्टम के भीतर बैठे “करमचंडों” पर सर्जिकल प्रहार नहीं होगा, तब तक हर कार्रवाई महज दिखावा मानी जाएगी।
जनता पूछ रही है
क्या दोषी आरक्षकों पर सख्त कार्रवाई होगी या मामला ठंडे बस्ते में जाएगा?
क्या इस नेटवर्क के पीछे बैठे बड़े चेहरे भी बेनकाब होंगे?
क्या सरकार नशे के खिलाफ अपनी कथनी और करनी का अंतर खत्म करेगी?
छत्तीसगढ़ की जनता अब जवाब चाहती है। खाकी पर लगा यह दाग सिर्फ दो आरक्षकों का नहीं, पूरे सिस्टम की विश्वसनीयता पर सवाल है।
अब देखना यह है।कार्रवाई दिखेगी या फिर एक और मामला फाइलों में दफन हो जाएगा?

By Amit Mandavi

अमित कुमार मंडावी बालोद, छत्तीसगढ़ आधारित अनुभवी वरिष्ठ पत्रकार हैं, जिन्हें पत्रकारिता के क्षेत्र में 8 वर्षों से अधिक का अनुभव है। वे जमीनी स्तर की सटीक रिपोर्टिंग और निष्पक्ष पत्रकारिता के लिए पहचाने जाते हैं। वर्तमान में वे Chhattisgarhjunction.in के माध्यम से अपराध, प्रशासन, सामाजिक मुद्दों, ग्रामीण समस्याओं और जनहित से जुड़ी खबरों को प्रमुखता से सामने लाते हैं।

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