Vinod Netam
देश विदेश की विशेष खबरें
(Chhattisgarh junction)जब देश महंगाई की मार से कराह रहा है, तब पेट्रोल-डीजल और रसोई गैस को लेकर बड़ा सवाल खड़ा हो गया है।
केंद्रीय पेट्रोलियम मंत्री हरदीप सिंह पुरी ने 9 फरवरी को दावा किया कि भारत के पास 74 दिन का कच्चे तेल का स्टॉक मौजूद है।
लेकिन सूत्रों के हवाले से खबर ये भी आई कि असलियत सिर्फ 25 दिन की है!

सवाल सीधा है,देश को भरोसा किस पर करना चाहिए? मंत्री के बयान पर या अंदरखाने की सच्चाई पर?
डोनाल्ड ट्रम्प – बेंजामिन नेतन्याहू की जंग और भारत पर असर
अमेरिका – ईरान और इज़राइल – ईरान टकराव के चलते हालात तनावपूर्ण हैं।
खबर है कि ईरान ने तेल आपूर्ति पर रोक लगा दी है और तीन ऑयल टैंकर युद्ध की भेंट चढ़ चुके हैं।
सबसे बड़ा संकट होर्मुज जल मरू मध्य में सप्लाई रुकने से पैदा हुआ है। यही वह समुद्री रास्ता है जिससे दुनिया का बड़ा हिस्सा तेल पाता है।
अगर ये लड़ाई लंबी चली, तो पेट्रोल-डीजल और LPG की कीमतों में आग लगना तय है।
दुनिया का स्टॉक बनाम भारत की तैयारी
बताया जा रहा है कि तेल स्टॉक की स्थिति कुछ यूँ है:
अमेरिका – 200 दिन
चीन – 104 दिन
जापान – 260 दिन
दक्षिण कोरिया – 210 दिन
सिंगापुर – 245 दिन
भारत सिर्फ 25 दिन (सूत्रों के अनुसार)
अगर ये आंकड़े सही हैं, तो सवाल और भी गंभीर है।
क्या दुनिया की पांचवीं सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था की तैयारी इतनी कमजोर है?
महंगाई की मार, लेकिन चुप्पी बरकरार?
तेल महंगा होगा तो ट्रांसपोर्ट महंगा होगा।
ट्रांसपोर्ट महंगा होगा तो सब्जी से लेकर दवा तक सब महंगा होगा।
रसोई गैस महंगी होगी तो सीधा असर घर-घर पड़ेगा।
लेकिन सत्ता के समर्थक पहले ही कह चुके हैं।
5000 रुपये लीटर पेट्रोल होगा तो भी खरीदेंगे!
2000 का सिलेंडर होगा तो भी लेंगे!
तो क्या जनता की जेब पर हमला अब “राष्ट्रहित” का नाम लेकर जायज ठहराया जाएगा?
सवाल जो जवाब मांगते हैं
74 दिन का स्टॉक सही है या 25 दिन का?
अगर संकट गहराया तो क्या सरकार के पास कोई वैकल्पिक योजना है?

क्या भारत फिर महंगे अमेरिकी तेल पर निर्भर होने वाला है?
देश जानना चाहता है।
क्या हम तैयार हैं? या फिर एक और महंगाई की सुनामी आने वाली है?

अमित कुमार मंडावी बालोद, छत्तीसगढ़ आधारित अनुभवी वरिष्ठ पत्रकार हैं, जिन्हें पत्रकारिता के क्षेत्र में 8 वर्षों से अधिक का अनुभव है। वे जमीनी स्तर की सटीक रिपोर्टिंग और निष्पक्ष पत्रकारिता के लिए पहचाने जाते हैं। वर्तमान में वे Chhattisgarhjunction.in के माध्यम से अपराध, प्रशासन, सामाजिक मुद्दों, ग्रामीण समस्याओं और जनहित से जुड़ी खबरों को प्रमुखता से सामने लाते हैं।

