Vinod Netam
छत्तीसगढ़/ विशेष रिपोर्ट_
(Chhattisgarh junction)एक तरफ बस्तर की आवाज, दूसरी तरफ मातृशक्ति का दांव छत्तीसगढ़ में सियासी पारा हाई
छत्तीसगढ़ की आगामी राज्यसभा चुनाव को लेकर सियासत पूरी तरह गरमा गई है।
एक तरफ फूलो देवी नेताम को दोबारा मैदान में उतारकर इंडियन नेशनल कांग्रेस ने आदिवासी और महिला नेतृत्व पर अपना भरोसा दोहराया है, तो दूसरी ओर भारतीय जनता पार्टी ने भी महिला चेहरा सामने लाकर मुकाबले को सीधा और दिलचस्प बना दिया है। भाजपा ने छत्तीसगढ़ से लक्ष्मी वर्मा को राज्यसभा चुनाव का उम्मीदवार बनाया है।

कांग्रेस का दांव: “बस्तर की माटी की आवाज”
कांग्रेस ने एक बार फिर फूलो देवी नेताम पर भरोसा जताया है। नेताम वर्तमान में राज्यसभा सांसद हैं और साथ ही छत्तीसगढ़ महिला कांग्रेस की अध्यक्ष भी हैं।
कांग्रेस नेताओं का कहना है कि नेताम ने संसद में आदिवासी समाज, महिलाओं के अधिकार, जल-जंगल-जमीन और बस्तर के मुद्दों को मजबूती से उठाया है।
कांग्रेस इसे “बस्तर की आवाज को दिल्ली तक पहुंचाने की निरंतर लड़ाई” बता रही है और पार्टी का दावा है कि जमीनी संघर्ष से निकली नेताम ही प्रदेश की असली प्रतिनिधि हैं।
भाजपा का जवाब: “मातृशक्ति और सामाजिक समीकरण”
दूसरी ओर भारतीय जनता पार्टी ने भी राज्यसभा चुनाव को हल्के में नहीं लिया है। पार्टी ने अपने अनुभवी महिला नेता लक्ष्मी वर्मा को उम्मीदवार बनाकर बड़ा राजनीतिक संदेश दिया है।
लक्ष्मी वर्मा वर्तमान में छत्तीसगढ़ महिला आयोग की सदस्य हैं और भाजपा प्रदेश उपाध्यक्ष भी रह चुकी हैं।
इसके अलावा वह:
रायपुर जिला पंचायत की पूर्व अध्यक्ष रह चुकी हैं
भाजपा की मीडिया प्रवक्ता की जिम्मेदारी भी निभा चुकी हैं
संगठन में लंबे समय से सक्रिय और मजबूत महिला नेतृत्व के रूप में जानी जाती हैं
राजनीतिक विश्लेषकों के मुताबिक भाजपा ने उन्हें टिकट देकर मातृशक्ति को साधने के साथ-साथ सामाजिक-जातीय समीकरणों को संतुलित करने का बड़ा दांव चला है।
अब सीधी टक्कर: आदिवासी नेतृत्व बनाम संगठन की रणनीति
अब मुकाबला केवल राज्यसभा की एक सीट का नहीं रह गया है, बल्कि यह राजनीतिक संदेश और प्रतिष्ठा की लड़ाई बन गया है।
कांग्रेस इसे बस्तर और आदिवासी नेतृत्व की आवाज बता रही है।
भाजपा इसे महिला शक्ति और संगठनात्मक अनुभव का प्रतिनिधित्व कह रही है।
सियासी निष्कर्ष
आगामी दिनों में यह चुनाव छत्तीसगढ़ की राजनीति में बयानबाज़ी, आरोप-प्रत्यारोप और रणनीतिक चालों का केंद्र बनने वाला है।
अब सबकी नजर इस बात पर टिकी है कि
क्या बस्तर की आवाज कही जाने वाली फूलो देवी नेताम फिर से संसद पहुंचेंगी,
या भाजपा की रणनीति के साथ लक्ष्मी वर्मा राज्यसभा की राह बनाएंगी।
इतना तय है कि छत्तीसगढ़ की राजनीति में यह राज्यसभा चुनाव आने वाले दिनों में सियासी तापमान को और तेज करने वाला है।

अमित कुमार मंडावी बालोद, छत्तीसगढ़ आधारित अनुभवी वरिष्ठ पत्रकार हैं, जिन्हें पत्रकारिता के क्षेत्र में 8 वर्षों से अधिक का अनुभव है। वे जमीनी स्तर की सटीक रिपोर्टिंग और निष्पक्ष पत्रकारिता के लिए पहचाने जाते हैं। वर्तमान में वे Chhattisgarhjunction.in के माध्यम से अपराध, प्रशासन, सामाजिक मुद्दों, ग्रामीण समस्याओं और जनहित से जुड़ी खबरों को प्रमुखता से सामने लाते हैं।

