छत्तीसगढ़|बालोद|विशेष खबर _हरे-भरे वृक्षों की अंधाधुंध कटाई जारी, जिम्मेदार अधिकारी बने मूकदर्शक।
खासकर ग्रामीण क्षेत्रों में किसानों के खेतों में सीना ताने खड़े हरे भरे वृक्षों को धराशाई करने में माहिर और चालाक लकड़ी तस्कर रात के अंधेरों में कर रहे गायब, काटने वाला काट कर ले जा रहा है। लेकिन जिम्मेदार पद पर बैठे राजस्व और वन विभाग के अधिकारियों का मौन रहना। कई तरह की सवाल खड़े कर रहे है।
एक तरफ देश में पर्यावरण बचाने के बड़े-बड़े दावे किए जाते हैं, वहीं दूसरी तरफ जमीनी हकीकत कुछ और ही कहानी बयां कर रही है। पेड़ों की कटाई इस कदर बढ़ गई है कि मानो प्रकृति की बलि दी जा रही हो और हैरानी की बात यह है कि जिम्मेदार अधिकारी एसी कमरों में बैठकर सब कुछ होते देख रहे हैं।
बालोद जिला के विभिन्न इलाकों में खासकर गुरुर और गुण्डरदेही क्षेत्रों में इन दिनों हरे-भरे पेड़ों की अंधाधुंध कटाई का मामला सामने आ रहा है। जिन पेड़ों ने वर्षों तक लोगों को छाया, शुद्ध हवा और जीवन दिया, आज वही पेड़ बेदर्दी से काटे जा रहे हैं। बिना किसी ठोस योजना और अनुमति के हो रही इस कटाई ने पर्यावरण प्रेमियों और स्थानीय लोगों की चिंता बढ़ा दी है।
स्थानीय लोगों का कहना है कि लगातार पेड़ों की कटाई से न केवल तापमान में वृद्धि हो रही है, बल्कि जलवायु संतुलन भी बिगड़ता जा रहा है। पक्षियों का बसेरा उजड़ रहा है और आने वाले समय में इसका खामियाजा आम जनता को भुगतना पड़ेगा।
सबसे बड़ा सवाल यह है कि आखिर जिम्मेदार विभाग और अधिकारी इस पूरे मामले में चुप क्यों हैं? क्या उन्हें इस पर्यावरणीय नुकसान की गंभीरता का अंदाजा नहीं है, या फिर जानबूझकर अनदेखी की जा रही है?

“पेड़ हमारे जीवन का आधार हैं, अगर इन्हें ऐसे ही काटा गया तो आने वाली पीढ़ियों के लिए कुछ नहीं बचेगा।”
जरूरत है कि प्रशासन इस मुद्दे को गंभीरता से ले और अवैध कटाई पर तत्काल रोक लगाए। साथ ही, जितने पेड़ काटे गए हैं, उसके बदले कई गुना पौधारोपण सुनिश्चित किया जाए। वरना वो दिन दूर नहीं जब प्रकृति का यह संतुलन पूरी तरह बिगड़ जाएगा,और तब सिर्फ पछतावा ही हाथ आएगा।

अमित कुमार मंडावी बालोद, छत्तीसगढ़ आधारित अनुभवी वरिष्ठ पत्रकार हैं, जिन्हें पत्रकारिता के क्षेत्र में 8 वर्षों से अधिक का अनुभव है। वे जमीनी स्तर की सटीक रिपोर्टिंग और निष्पक्ष पत्रकारिता के लिए पहचाने जाते हैं। वर्तमान में वे Chhattisgarhjunction.in के माध्यम से अपराध, प्रशासन, सामाजिक मुद्दों, ग्रामीण समस्याओं और जनहित से जुड़ी खबरों को प्रमुखता से सामने लाते हैं।

