विनोद नेताम

छत्तीसगढ़ | विशेष रिपोर्ट _
किसी भी सरकार की असली पहचान उसके भाषणों, विज्ञापनों या दावों से नहीं, बल्कि ज़मीन पर दिखाई देने वाले कामों से तय होती है। सड़क, कानून व्यवस्था, स्वास्थ्य और बिजली ये चार स्तंभ ही जनता के भरोसे की नींव होते हैं। दुर्भाग्य से बालोद जिले के गुरूर विकासखंड क्षेत्र की वर्तमान स्थिति इन चारों मोर्चों पर गंभीर सवाल खड़े करती है।
सबसे पहले बात सड़कों की।
गुरूर से बड़भूम होते हुए नारागांव को जोड़ने वाली सड़क आज विकास के दावों की पोल खोलती नजर आती है। गड्ढों में तब्दील हो चुकी सड़कें न सिर्फ आवागमन को बाधित कर रही हैं, बल्कि रोज़मर्रा की ज़िंदगी को जोखिम भरा बना रही हैं। यह स्थिति केवल असुविधा नहीं, बल्कि प्रशासनिक उपेक्षा का प्रतीक बन चुकी है
कानून व्यवस्था की हालत भी चिंताजनक है।
जब गांव-गांव में नाबालिग बच्चे खुलेआम अवैध शराब खरीदते दिखें और नशे का कारोबार बिना किसी भय के चलता रहे, तो यह केवल सामाजिक समस्या नहीं रह जाती,यह कानून के ढीले होते शिकंजे का स्पष्ट संकेत है। गुरूर, कनेरी, पुरूर और आसपास के क्षेत्रों में नशे का फैलाव आने वाली पीढ़ी के भविष्य पर सीधा प्रहार है।
स्वास्थ्य सेवाएं भी सवालों के घेरे में हैं।
सरकारी अस्पतालों की स्थिति ऐसी है कि वे इलाज के बजाय रेफरल केंद्र बनकर रह गए हैं। संसाधनों की कमी, डॉक्टरों की अनुपलब्धता और अव्यवस्था ने लोगों का भरोसा कमजोर किया है। ऐसे माहौल में झोलाछाप डॉक्टरों की बढ़ती संख्या बताती है कि लोग मजबूरी में जोखिम उठा रहे हैं।
और अंत में,बिजली।
छत्तीसगढ़, जिसे ऊर्जा उत्पादन के लिए जाना जाता है, वहीं उसके अपने गांव अंधेरे में डूबे रहें,यह विडंबना ही है। बार-बार बिजली कटौती और योजनाओं के नाम पर आश्वासन, आम जनता के धैर्य की परीक्षा ले रहे हैं। “सरप्लस बिजली” का दावा तब खोखला लगता है जब घरों में अंधेरा और जनजीवन अस्त-व्यस्त हो।
निष्कर्ष स्पष्ट है:
विकास केवल घोषणाओं से नहीं, बल्कि धरातल पर दिखने वाले बदलाव से मापा जाता है। गुरूर अंचल की वर्तमान स्थिति यह संकेत देती है कि प्राथमिक सुविधाओं पर तत्काल ध्यान देने की आवश्यकता है।
सरकार के लिए यह समय आत्ममंथन का है,क्योंकि जनता अब केवल वादे नहीं, ठोस परिणाम चाहती है।
अगर इन बुनियादी सवालों का समाधान जल्द नहीं हुआ, तो यह असंतोष आने वाले समय में एक बड़े जनमत में बदल सकता है।

By Amit Mandavi

अमित कुमार मंडावी बालोद, छत्तीसगढ़ आधारित अनुभवी वरिष्ठ पत्रकार हैं, जिन्हें पत्रकारिता के क्षेत्र में 8 वर्षों से अधिक का अनुभव है। वे जमीनी स्तर की सटीक रिपोर्टिंग और निष्पक्ष पत्रकारिता के लिए पहचाने जाते हैं। वर्तमान में वे Chhattisgarhjunction.in के माध्यम से अपराध, प्रशासन, सामाजिक मुद्दों, ग्रामीण समस्याओं और जनहित से जुड़ी खबरों को प्रमुखता से सामने लाते हैं।

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