विनोद नेताम
छत्तीसगढ़/ बालोद/ गुरुर/ विशेष रिपोर्ट_
नगर पंचायत पलारी का चुनावी माहौल इस बार पूरी तरह बदला-बदला नजर आ रहा है।
भाजपा शासनकाल में हुई बुलडोजर कार्रवाई ने जहां एक ओर प्रशासनिक सख्ती का संदेश दिया, वहीं दूसरी ओर कई लोगों के मन में नाराजगी, असंतोष और विद्रोह की भावना भी पैदा कर दी है। अब यही मुद्दा चुनावी चौपाल से लेकर गली-मोहल्लों तक चर्चा का केंद्र बन चुका है।
पलारी की जनता अब केवल वादों और नारों से संतुष्ट होती दिखाई नहीं दे रही, बल्कि हर दल और हर प्रत्याशी से जवाब मांग रही है।
लोगों का कहना है कि विकास के नाम पर यदि किसी की रोजी-रोटी, दुकान या आशियाना प्रभावित होता है, तो उसका दर्द चुनाव में जरूर दिखाई देता है। यही कारण है कि बुलडोजर कार्रवाई अब सिर्फ प्रशासनिक मुद्दा नहीं, बल्कि राजनीतिक हथियार बन चुका है।
नगर पंचायत के भीतर अब दोनों राष्ट्रीय दलों भाजपा और कांग्रेस ने चुनावी बिगुल फूंक दिया है।
एक ओर भाजपा विकास, सड़क, निर्माण और प्रशासनिक कार्रवाई को अपनी उपलब्धि बताकर जनता के बीच जा रही है, तो दूसरी ओर विपक्ष इसे आम लोगों पर दबाव और जनभावनाओं की अनदेखी बताकर मुद्दा बनाने में जुट गया है।
चौराहों, पान ठेलों और बाजारों में एक ही चर्चा सुनाई दे रही है
“इस बार जनता किस पर भरोसा करेगी?
राजनीतिक जानकारों की मानें तो पलारी का यह चुनाव आसान नहीं होने वाला।
स्थानीय मुद्दे, व्यक्तिगत समीकरण, बुलडोजर कार्रवाई, नाराज व्यापारी वर्ग और युवा मतदाताओं का रुझान चुनाव का पूरा गणित बदल सकता है। कई पुराने चेहरे इस बार जनता के गुस्से का सामना कर सकते हैं, तो कुछ नए चेहरे उम्मीद बनकर उभर रहे हैं।
सबसे बड़ी चुनौती दोनों दलों के लिए जनता का विश्वास जीतना होगा।
क्योंकि इस बार पलारी की जनता सिर्फ भाषण नहीं, बल्कि व्यवहार और जमीन पर किए गए कार्यों का हिसाब मांगती नजर आ रही है।
अब देखना दिलचस्प होगा कि नगर पंचायत पलारी की जनता आखिर किसके सिर जीत का ताज सजाती है और किसे सत्ता के दरवाजे से बाहर का रास्ता दिखाती है।
फिलहाल पलारी का चुनावी अखाड़ा पूरी तरह गर्म हो चुका है और आने वाले दिनों में राजनीतिक वार-पलटवार और भी तेज होने के संकेत मिल रहे हैं।

अमित कुमार मंडावी बालोद, छत्तीसगढ़ आधारित अनुभवी वरिष्ठ पत्रकार हैं, जिन्हें पत्रकारिता के क्षेत्र में 8 वर्षों से अधिक का अनुभव है। वे जमीनी स्तर की सटीक रिपोर्टिंग और निष्पक्ष पत्रकारिता के लिए पहचाने जाते हैं। वर्तमान में वे Chhattisgarhjunction.in के माध्यम से अपराध, प्रशासन, सामाजिक मुद्दों, ग्रामीण समस्याओं और जनहित से जुड़ी खबरों को प्रमुखता से सामने लाते हैं।

