अपनी अय्याशी की काली दाग को  छुपाने के लिये कंही देश के अन्नदाताओ की लाल लहू को तो निलाम नहीं किया।

विनोद नेताम (वरिष्ठ पत्रकार)
नई दिल्ली/छत्तीसगढ़/विशेष रिपोर्ट _
एक तरफ हमारे देश के भीतर में मौजूद रहने वाले अन्नदाता माटी पुत्र किसान है जिन्हे अपने मेहनत से उगाये हुये फसलों का कीमत सही समय पर नहीं मिलता है। अब ऐसे में दवाई खाद के साथ कृषि तकनिकी को लेकर सटिक जानकारी देश के भीतर में मौजूद रहने वाले अन्नदाता माटीपुत्रो को क्या खाक मिलता होगा, यह बात बड़े आसानी के साथ में समझा जा सकता है। वंही दूसरी तरफ अब अमेरिकी सरकार ने यह फरमान जारी कर दिया है कि उनका कृषि उत्पाद के बाजार में बेचा जायेगा।

यानि अब स्वदेशी अपनाओ और विदेशी भगाओ अभियान गई तेल लेने।
कुछ दिन पहले ही छत्तीसगढ़ में एक किसान ने टोकन नहीं मिलने और भारतमाला परियोजना के तहत जमीन का मुआवजा नहीं मिलने से खुदखुशी करने की कोशिश की है।

बुधवार को किसान से वीडियो बनाया और कहा कि यहां किसान का कोई नहीं है, फिर उसने कीटनाशक पी लिया था मामला अकलतरा थाना क्षेत्र का है। जानकारी के मुताबिक पीड़ित किसान का नाम अनुराग सिंह चंदेल (45) है। वह ग्राम सांकर का रहने वाला है। धान बेचने के लिए वह पिछले एक महीने से खरीदी केंद्र के चक्कर लगा रहा था, लेकिन उसका टोकन नहीं कट रहा था। इससे वह परेशान था। वंही छत्तीसगढ़ के बालोद जिला के गुरूर विकासखंड क्षेत्र अंतर्गत ग्राम अरमरीकला में स्थित धान खरीदी केंन्द्र में धान नहीं बेंच पाने से नाराज होकर किसान मन्नूराम साहू ने भी किटनाशक दवाई पीने का जोखिम मोल ले रहा था। ऐसे तमाम किस्से देश की सरजंमी को अपनी लहू से सिंचने वाले अन्नदाता माटीपुत्र किसानों की रगों में दौड़ रहा है। बावजूद इसके देश इन जांबज किसानों की खेत खलिहान और दिलों में झांक कर देखने की हिमाकत देश के सत्ता पर काबिज सियासतदान नहीं उठा पा रहे है।

किसानों को समय पर सही किमत, दवाई, खाद बिजली, पानी, सड़क, के साथ उच्च तकनीकी जानकारी देने के बजाय सरकार जमीनी धरातल पर क्या करती है यह बताने की जरूरत नहीं है, जबकि यही किसान दीनरात अपनी खेतों में पसीना बहाते है तब जाकर सरकार के डायनिंग टेबल में तक दो बख्त की रोटी पहुंचती है।

खैर अमेरिका के साथ हुई ट्रेड डील को लेकर फिलहाल सरकार का रूख अभी स्पष्ट नहीं है, लेकिन जिस तरह से बजट सत्र के दौरान विपक्षी राजनितिक दल के नेता हाल के दिनों चर्चित एप्सिटन फाइल्स से जोड़कर देख रही है जिसे लेकर बवाल मचा हुआ है।

ऐसे में मांग उठी रही है कि सरकार को अमेरिका के साथ हुई डील का मसौदा आम जनता के समक्ष प्रस्तुत करना चाहिए। अब सरकार इस पर कब जानकारी स्पष्ट करती है यह देखने वाली बात है। इससे पहले केन्द्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने कहा था कि देश के किसानों की हक और अधिकार के साथ किसी भी स्तर पर समझौता नहीं किया जायेगा।

व्हाइट हाउस प्रेस सेक्रेटरी कैरोलिन लेविट का Fox News पर बड़ा दावा
“प्रधानमंत्री मोदी ने U.S. एनर्जी, ट्रांसपोर्टेशन, खेती के प्रोडक्ट्स की $500B की खरीद का वादा किया, यह एक बहुत बड़ी डील है, और अमेरिकी वर्कर्स, बिज़नेस और कंज्यूमर्स के लिए एक बड़ी जीत है।”

By Amit Mandavi

अमित कुमार मंडावी बालोद, छत्तीसगढ़ आधारित अनुभवी वरिष्ठ पत्रकार हैं, जिन्हें पत्रकारिता के क्षेत्र में 8 वर्षों से अधिक का अनुभव है। वे जमीनी स्तर की सटीक रिपोर्टिंग और निष्पक्ष पत्रकारिता के लिए पहचाने जाते हैं। वर्तमान में वे Chhattisgarhjunction.in के माध्यम से अपराध, प्रशासन, सामाजिक मुद्दों, ग्रामीण समस्याओं और जनहित से जुड़ी खबरों को प्रमुखता से सामने लाते हैं।

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