धान खरीदी में भाजपा सरकार की नाकामी के खिलाफ सड़कों पर उतरेगा आम आदमी पार्टी।

छत्तीसगढ़/ विशेष रिपोर्ट_

अन्नदाता,धान खरीदी की तारीख बढ़ाने की मांग को लेकर 10 फरवरी को होगा मुख्यमंत्री निवास घेराव।

रायपुर, 9 फरवरी 2026 छत्तीसगढ़ में धान खरीदी को लेकर भाजपा सरकार की किसान-विरोधी नीतियों के खिलाफ आम आदमी पार्टी ने निर्णायक संघर्ष का ऐलान किया है।

प्रदेश के लाखों किसानों का धान अब तक नहीं खरीदा गया, इसके बावजूद सरकार द्वारा 6 फरवरी को धान खरीदी बंद कर देना किसानों के साथ खुला अन्याय है। इसी के विरोध में आम आदमी पार्टी 10 फरवरी को राजधानी रायपुर में मुख्यमंत्री निवास का घेराव करेगी।

आम आदमी पार्टी के किसान विंग प्रदेश अध्यक्ष

तारेंद्र चंद्राकर ने कहा कि सरकार ने 15 नवंबर 2025 से धान खरीदी शुरू की, लेकिन बेहद कम समय सीमा में इसे बंद कर दिया, जबकि आज भी प्रदेश भर में किसान धान लेकर खरीदी केंद्रों के चक्कर काट रहे हैं।
जिला अध्यक्ष 

बालक सिह साहू ने कहा कि
“यह सिर्फ प्रशासनिक लापरवाही नहीं, बल्कि किसानों के खिलाफ सुनियोजित साजिश है। सरकार ने कर्ज लेकर खेती करने वाले किसानों को सड़क पर खड़ा कर दिया है। अगर सरकार ने तुरंत धान खरीदी की तारीख नहीं बढ़ाई, तो आम आदमी पार्टी किसानों के साथ मिलकर आर-पार की लड़ाई लड़ेगी।”
उन्होंने कहा कि
धान बेचने के बाद भी किसानों को उनका पूरा पैसा नहीं मिल पा रहा है।
“किसान सुबह 6 बजे से को-ऑपरेटिव बैंक के बाहर लाइन में खड़ा रहता है और उसे एक बार में सिर्फ 25 हजार रुपये दिए जा रहे हैं।सरकार ने साजिश के तहत छोटे किसानों से जबरन रकबा समर्पण करवाया,खरीदी केंद्रों की प्रतिदिन की लिमिट घटाई और टोकन व्यवस्था को जानबूझकर बिगाड़ा।”
उन्होंने सवाल उठाया कि
“पटवारी, आरआई और तहसीलदार किसानों के घर जाकर भौतिक सत्यापन कर रहे हैं, क्या सरकार की नजर में किसान चोर हैं? सच यह है कि भाजपा सरकार की मंशा ही धान खरीदने की नहीं थी।”

जिला उपाध्यक्ष भुनेश्वर कुभकार ने का  कि केंद्र सरकार की किसान-विरोधी नीतियों ने हालात और बदतर कर दिए हैं।
“अमेरिका के कृषि उत्पादों पर 0% टैरिफ लगाकर भारतीय किसानों की कमर तोड़ने की तैयारी की जा रही है। यह ट्रेड डील देश के अन्नदाता के खिलाफ है और आने वाले समय में भारतीय कृषि व्यवस्था को पूरी तरह बर्बाद कर देगी।”
“छत्तीसगढ़ में लगभग 3 लाख किसान धान बेचने से वंचित रह गए हैं। जिन किसानों ने कर्ज लिया है, वे उसे कैसे चुकाएंगे?अगर कोई किसान आत्महत्या करता है,तो उसकी पूरी जिम्मेदारी भाजपा सरकार की होगी।किसानों के हित की बात करने वाली सरकार इस साल धान खरीदी में पूरी तरह फेल हो चुकी है।”
भाजपा सरकार किसानों से जबरन रकबा समर्पण करवाने के लिए माफी मांगे और तत्काल सभी किसानों के लिए समुचित टोकन व्यवस्था लागू करे।

जिला सचिव कैलाश बंजारे ने मांग किया है कि “धान खरीदी की समाप्त की गई 6 फरवरी की समय सीमा को बढ़ाकर कम से कम 28 फरवरी तक किया जाए,ताकि प्रदेश का अन्नदाता किसान अपना एक-एक दाना बेच सके। अगर सरकार नहीं मानी, तो 10 फरवरी का मुख्यमंत्री निवास घेराव ऐतिहासिक होगा।” यह घेराव किसानों के हक़ की लड़ाई है और जब तक किसानों की मांगें पूरी नहीं होंगी,आंदोलन और तेज किया जायेगा।

By Amit Mandavi

अमित कुमार मंडावी बालोद, छत्तीसगढ़ आधारित अनुभवी वरिष्ठ पत्रकार हैं, जिन्हें पत्रकारिता के क्षेत्र में 8 वर्षों से अधिक का अनुभव है। वे जमीनी स्तर की सटीक रिपोर्टिंग और निष्पक्ष पत्रकारिता के लिए पहचाने जाते हैं। वर्तमान में वे Chhattisgarhjunction.in के माध्यम से अपराध, प्रशासन, सामाजिक मुद्दों, ग्रामीण समस्याओं और जनहित से जुड़ी खबरों को प्रमुखता से सामने लाते हैं।

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