विनोद नेताम (वरिष्ठ पत्रकार)छत्तीसगढ़
छत्तीसगढ़ /जशपुर/ विशेष रिपोर्ट_
पत्थलगांव की फिजाओं में ‘गब्बर’ की दहाड़: अब बदल गया है निज़ाम,जशपुर जिले के प्रवेश द्वार पत्थलगांव में आज उस वक्त सन्नाटा पसर गया, जब शहर के बीचों-बीच ‘गब्बर सिंह’ का नया और आधुनिक रूप दिखाई दिया।
सालों पहले रामगढ़ की पहाड़ियों में जो खौफ गूंजता था, आज वही तेवर पत्थलगांव की मुख्य चौक-चौराहों और गलियों में महसूस किया जा रहा है। लेकिन फर्क सिर्फ इतना है कि इस बार कंधे पर कारतूसों की पेटी नहीं, बल्कि बदन पर नेवी-ब्लू की धारदार शर्ट और आंखों पर नीले शिकारी चश्मे का पहरा है।
कितने बदमाश थे?
पत्थलगांव की फाइलों पर गब्बर की पैनी नज़र – तस्वीर में गब्बर का अंदाज़ देखिए,कुर्सी पर इस तरह विराजमान हैं जैसे पत्थलगांव का पूरा भूगोल उनकी मुट्ठी में हो। बाएँ हाथ से ठुड्डी को सहलाते हुए वह गहरी तफ्तीश में डूबे हैं। यह सोच किसी बड़ी रणनीति का हिस्सा है। बगल में रखी खाली ‘सफेद प्लास्टिक की कुर्सी’ इस बात की गवाह है कि उनके रूतबे के सामने बैठने की हिम्मत आज किसी ‘सांभा’ या स्थानीय गुंडे में नहीं है।
“अरे ओ सांभा“

ये पत्थलगांव की मिट्टी है,यहाँ जब गब्बर कदम रखता है, तो ज़मीन नहीं, अपराधियों का कलेजा कांपता है!”
ब्लू एविएटर और सोने की चमक, कानून का ‘दबंग’ चेहरा पत्थलगांव के इस नए ‘सुपरकॉप’ का स्वैग ही उनकी सबसे बड़ी ताकत है। नीले चश्मे के पीछे छिपी वो निगाहें अपराधी के झूठ को आर-पार देखने की क्षमता रखती हैं।कलाई पर बंधी काली स्मार्ट-वॉच वक्त का पहिया घुमा रही है – उन तस्करों और बदमाशों के लिए जिनका वक्त अब ‘पत्थलगांव’ की सीमा में खत्म होने को है। उंगलियों में चमकती सोने की अंगूठियां सत्ता और अटूट न्याय का प्रतीक हैं।
खबर की ‘अत्यधिक धारदार’ मुख्य बातें (विस्तृत विश्लेषण) :
दहशत का नया मुख्यालय पत्थलगांव अब कोई साधारण कस्बा नहीं, बल्कि गब्बर की निगरानी वाला ‘किला’ बन चुका है।
चेतावनी का लहजा,गब्बर की ये खामोशी किसी बड़े तूफान का संकेत है। उनका लेग-क्रॉस बैठना यह बताता है कि वे ‘रिलैक्स्ड’ नहीं, बल्कि ‘अटैक’ मोड में हैं।
स्पोर्ट्स शूज की रफ़्तार नीचे चमकते हुए जूतों का मतलब साफ है – पत्थलगांव की किसी भी गली में अगर कोई भागा, तो गब्बर का पीछा ‘बुलेट’ से भी तेज होगा।
पत्थलगांव का नया कानून “जो यहाँ से गुज़रेगा, वो कानून मानकर चलेगा और जो टकराएगा, वो सीधा हवालात की चक्की पीसेगा!”
पत्थलगांव के ‘बदमाशों’ के लिए अंतिम अल्टीमेटम पूरे जशपुर संभाग में यह खबर आग की तरह फैल गई है कि “गब्बर अब खुश हुआ है”।
और पत्थलगांव के इतिहास में जब-जब कोई बड़ा अधिकारी या ‘दबंग’ शख्सियत इस अंदाज़ में बैठती है, तो समझो कि इलाके की सफाई निश्चित है। अब किसी को हाथ गंवाने की ज़रूरत नहीं, क्योंकि गब्बर की एक ही नज़र गुनहगारों को घुटने पर लाने के लिए काफी है।
पत्थलगांव की जनता अब चैन की सांस ले सकती है, क्योंकि उनका ‘रक्षक’ गब्बर के तेवर और पुलिसिया मिज़ाज के साथ मैदान में आ चुका है।

अमित कुमार मंडावी बालोद, छत्तीसगढ़ आधारित अनुभवी वरिष्ठ पत्रकार हैं, जिन्हें पत्रकारिता के क्षेत्र में 8 वर्षों से अधिक का अनुभव है। वे जमीनी स्तर की सटीक रिपोर्टिंग और निष्पक्ष पत्रकारिता के लिए पहचाने जाते हैं। वर्तमान में वे Chhattisgarhjunction.in के माध्यम से अपराध, प्रशासन, सामाजिक मुद्दों, ग्रामीण समस्याओं और जनहित से जुड़ी खबरों को प्रमुखता से सामने लाते हैं।

