विनोद नेताम
छत्तीसगढ़/बालोद/विशेष रिपोर्ट_
बालोद जिला मुख्यालय के बस स्टॉप में राहगीरों की सुविधा के लिए बनाया गया सार्वजनिक शौचालय आजकल सुविधा कम और शराबियों का अड्डा ज्यादा नजर आ रहा है।
स्वच्छता और व्यवस्था के बड़े-बड़े दावे करने वाले जिम्मेदारों की पोल खोलती तस्वीरें सामने आई हैं, जिनमें साफ दिखाई दे रहा है कि शौचालय के भीतर शराब की खाली बोतलें और डिस्पोजल बिखरे पड़े हैं।
दरअसल जिस जगह को यात्रियों और आम नागरिकों की सुविधा के लिए बनाया गया था, वहां अब रात ढलते ही शराबखोरी का दौर शुरू हो जाता है। शराबी खुलेआम शौचालय के भीतर बैठकर जाम छलकाते हैं और फिर खाली बोतलें वहीं फेंक कर चलते बनते हैं। सवाल यह है कि क्या यही है शहर की स्वच्छता व्यवस्था?
सरकार और प्रशासन मंचों से स्वच्छता अभियान की बड़ी-बड़ी बातें करते नहीं थकते, लेकिन जमीनी हकीकत कुछ और ही कहानी बयां कर रही है। लाखों रुपये खर्च कर बनाए गए सार्वजनिक शौचालय अगर शराबियों के अड्डे में बदल जाएं तो फिर विकास के दावे किस काम के?
स्थानीय लोगों का कहना है कि देखरेख के अभाव में यह शौचालय पूरी तरह लावारिस व्यवस्था का शिकार हो चुका है। दिन में राहगीर किसी तरह इसका उपयोग करते हैं और रात में यह जगह शराबियों की महफिल बन जाती है।
अब सवाल उठता है कि
क्या जिम्मेदार अधिकारी केवल कागजों में ही स्वच्छता अभियान चलाते रहेंगे?
या फिर वास्तव में बालोद शहर की व्यवस्था को सुधारने के लिए कोई ठोस कदम भी उठाएंगे?
फिलहाल तो तस्वीरें यही बता रही हैं कि स्वच्छता का सपना, शराब की बोतलों के ढेर में दम तोड़ता नजर आ रहा है।

अमित कुमार मंडावी बालोद, छत्तीसगढ़ आधारित अनुभवी वरिष्ठ पत्रकार हैं, जिन्हें पत्रकारिता के क्षेत्र में 8 वर्षों से अधिक का अनुभव है। वे जमीनी स्तर की सटीक रिपोर्टिंग और निष्पक्ष पत्रकारिता के लिए पहचाने जाते हैं। वर्तमान में वे Chhattisgarhjunction.in के माध्यम से अपराध, प्रशासन, सामाजिक मुद्दों, ग्रामीण समस्याओं और जनहित से जुड़ी खबरों को प्रमुखता से सामने लाते हैं।

