विनोद नेताम (वरिष्ठ पत्रकार)
छत्तीसगढ़/ बालोद/ गुरुर/विशेष रिपोर्ट_
किसी की जान गई, कोई घायल हुआ… फिर भी प्रशासन और वन विभाग की चुप्पी पर उठ रहे सवाल।
बालोद जिले के गुरुर क्षेत्र में अवैध रेत परिवहन का खेल थमने का नाम नहीं ले रहा है। लगातार हो रहे हादसों के बावजूद जिम्मेदार विभागों की निष्क्रियता अब सवालों के घेरे में है।
जानकारी के मुताबिक, गुरुर वन विभाग के रास्ते से रोजाना भारी संख्या में रेत से भरे वाहन बेखौफ बिना कोई वैध दस्तावेज के फर्राटे भरते नजर आ रहे हैं।
स्थानीय लोगों का आरोप है कि इन तेज रफ्तार वाहनों की वजह से कई दुर्घटनाएं हो चुकी हैं। किसी ने अपनी जान गंवाई है, तो कई लोग गंभीर रूप से घायल हुए हैं, जिनमें हाथ-पैर टूटने जैसी घटनाएं भी शामिल हैं। इसके बावजूद न तो परिवहन पर रोक लगाई जा रही है और न ही दोषियों पर सख्त कार्रवाई हो रही है।
“बालोद जिले के गुरुर क्षेत्र से एक बड़ी खबर सामने आ रही है, जहां अवैध रेत परिवहन धड़ल्ले से जारी है। मर्काटोला, कंकालीन और बढ़भूम जैसे अंदरूनी इलाकों से रोजाना रेत से भरे ट्रैक्टर और अन्य वाहन बिना किसी रॉयल्टी पर्ची के सड़कों पर दौड़ रहे हैं… लेकिन जिम्मेदार विभाग अब तक कार्रवाई से दूर नजर आ रहे हैं।”
“ये तस्वीरें गुरुर क्षेत्र के मर्काटोला, कंकालीन और बढ़भूम की हैं… जहां अवैध रेत खनन और परिवहन का खेल खुलेआम चल रहा है।
रोजाना सुबह से लेकर देर रात तक रेत से भरे ट्रैक्टर और अन्य भारी वाहन बिना रॉयल्टी पर्ची के बेखौफ सड़कों पर फर्राटे भरते नजर आते हैं।”
ग्रामीणों का कहना है कि रात के अंधेरे में ही नहीं, बल्कि दिनदहाड़े भी यह अवैध कारोबार खुलेआम जारी है। वन विभाग के रास्ते का इस्तेमाल कर नियमों की धज्जियां उड़ाई जा रही हैं, जिससे यह संदेह भी गहराता जा रहा है कि कहीं न कहीं मिलीभगत तो नहीं है।

गुरुर वनपरिक्षेत्र विधायक प्रतिनिधि तुलेश सिन्हा ने कहा कि,गुरुर क्षेत्र के कंकालीन, बढ़भूम और मरकाटोला के जंगली रास्तों से जिस तरह रोजाना अवैध रेत परिवहन हो रहा है, वह बेहद चिंताजनक और दुर्भाग्यपूर्ण है। यह सिर्फ नियमों का उल्लंघन नहीं, बल्कि आम लोगों की जान के साथ सीधा खिलवाड़ है। कई निर्दोष लोग इसकी चपेट में आकर अपनी जान गंवा चुके हैं, फिर भी प्रशासन की ओर से सख्त कार्रवाई नहीं होना समझ से परे है।
मैं वन विभाग और संबंधित अधिकारियों से मांग करता हूं कि इस पर तत्काल कड़ी कार्रवाई की जाए, दोषियों पर सख्त कार्रवाई हो और इन अवैध रास्तों को पूरी तरह बंद किया जाए। अगर जल्द ही ठोस कदम नहीं उठाए गए, तो हम जनहित में आंदोलन करने के लिए भी बाध्य होंगे।”

इस पूरे मामले में प्रशासन की चुप्पी और निष्क्रियता लोगों में आक्रोश पैदा कर रही है। आम जनता अब यह सवाल पूछ रही है कि आखिर कब तक यह अवैध रेत परिवहन यूं ही चलता रहेगा और कब जिम्मेदारों पर सख्त कार्रवाई होगी?
स्थानीय लोगों ने जिला प्रशासन से तत्काल हस्तक्षेप कर अवैध रेत परिवहन पर रोक लगाने और दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग की है, ताकि आगे किसी और की जान न जाए।

अमित कुमार मंडावी बालोद, छत्तीसगढ़ आधारित अनुभवी वरिष्ठ पत्रकार हैं, जिन्हें पत्रकारिता के क्षेत्र में 8 वर्षों से अधिक का अनुभव है। वे जमीनी स्तर की सटीक रिपोर्टिंग और निष्पक्ष पत्रकारिता के लिए पहचाने जाते हैं। वर्तमान में वे Chhattisgarhjunction.in के माध्यम से अपराध, प्रशासन, सामाजिक मुद्दों, ग्रामीण समस्याओं और जनहित से जुड़ी खबरों को प्रमुखता से सामने लाते हैं।

