विनोद नेताम
छत्तीसगढ़/बालोद/गुरुर/ विशेष रिपोर्ट_
जनपद उपाध्यक्ष दुर्गानंद साहू बोले “सरकार बदनाम हो रही, जिम्मेदार अफसर आखिर कर क्या रहे हैं ?”
प्रदेश सरकार जहां “सुशासन तिहार” के जरिए जनता तक अपनी योजनाओं, उपलब्धियों और जवाबदेही का संदेश पहुंचाने में जुटी हुई है, वहीं जमीनी स्तर पर प्रशासनिक लापरवाही अब खुद सत्ताधारी दल के जनप्रतिनिधियों के निशाने पर आने लगी है।
बालोद जिले के गुरूर विकासखंड अंतर्गत ग्राम अर्जुनी में आयोजित सुशासन तिहार कार्यक्रम उस समय चर्चा का केंद्र बन गया, जब भाजपा के वरिष्ठ नेता एवं जनपद पंचायत गुरूर के उपाध्यक्ष दुर्गानंद साहू ने मंच से ही आबकारी विभाग और पुलिस प्रशासन की कार्यप्रणाली पर तीखा हमला बोल दिया।
सैकड़ों ग्रामीणों और अधिकारियों की मौजूदगी में दुर्गानंद साहू ने क्षेत्र में तेजी से फैल रही नशाखोरी, खुलेआम बिक रही अवैध शराब और जिम्मेदार विभागों की संदिग्ध चुप्पी पर जमकर नाराजगी जाहिर की। उन्होंने साफ शब्दों में कहा कि सरकार गांव-गांव तक सुशासन पहुंचाने का प्रयास कर रही है, लेकिन नीचे बैठे कुछ जिम्मेदार अधिकारी सरकार की छवि धूमिल करने में कोई कसर नहीं छोड़ रहे हैं।

अपने संबोधन में उन्होंने सवाल उठाया कि आखिर किसके संरक्षण में गांव-गांव अवैध शराब का कारोबार फल-फूल रहा है ? क्यों युवा पीढ़ी तेजी से नशे की गिरफ्त में धकेली जा रही है ? और आखिर पुलिस व आबकारी विभाग कार्रवाई करने के बजाय आंखें मूंदकर क्यों बैठे हुए हैं ?
दुर्गानंद साहू ने चेतावनी भरे लहजे में कहा कि शासन ने अधिकारियों को जनता की सेवा और व्यवस्था सुधारने की जिम्मेदारी दी है, लेकिन कुछ लोग उसी जिम्मेदारी को कमजोर करने में लगे हुए हैं। उन्होंने कहा कि यदि समय रहते अवैध शराब और बढ़ती नशाखोरी पर कठोर कार्रवाई नहीं हुई, तो इसका गंभीर खामियाजा समाज और सरकार दोनों को भुगतना पड़ सकता है।
सुशासन तिहार के मंच से सत्ता पक्ष के जनप्रतिनिधि द्वारा खुलेआम प्रशासनिक व्यवस्था पर उठाए गए सवालों ने कार्यक्रम में मौजूद अधिकारियों को असहज कर दिया। कार्यक्रम में मौजूद लोगों के बीच भी यह चर्चा का विषय बना रहा कि जब सत्ताधारी दल के नेता ही प्रशासनिक कार्यप्रणाली से नाराज हैं, तो आम जनता की पीड़ा कितनी गंभीर होगी।

इधर कार्यक्रम के दौरान छत्तीसगढ़ी लोककला, संस्कृति और पारंपरिक सभ्यता को मनमोहक नृत्य के माध्यम से प्रस्तुत करने वाले स्कूली बच्चों को भी जनपद उपाध्यक्ष दुर्गानंद साहू ने नगद राशि देकर सम्मानित किया। उन्होंने बच्चों का उत्साहवर्धन करते हुए कहा कि हमारी संस्कृति और परंपरा ही छत्तीसगढ़ की असली पहचान है, जिसे नई पीढ़ी तक पहुंचाना बेहद जरूरी है।
क्षेत्रीय लोगों का कहना है कि यदि पुलिस और आबकारी विभाग ईमानदारी से अभियान चलाएं, तो अवैध शराब का नेटवर्क कुछ ही दिनों में ध्वस्त हो सकता है। लेकिन बड़ा सवाल आज भी वही है,आखिर कार्रवाई करने से रोके कौन बैठा है ?

अमित कुमार मंडावी बालोद, छत्तीसगढ़ आधारित अनुभवी वरिष्ठ पत्रकार हैं, जिन्हें पत्रकारिता के क्षेत्र में 8 वर्षों से अधिक का अनुभव है। वे जमीनी स्तर की सटीक रिपोर्टिंग और निष्पक्ष पत्रकारिता के लिए पहचाने जाते हैं। वर्तमान में वे Chhattisgarhjunction.in के माध्यम से अपराध, प्रशासन, सामाजिक मुद्दों, ग्रामीण समस्याओं और जनहित से जुड़ी खबरों को प्रमुखता से सामने लाते हैं।

