विनोद नेताम
छत्तीसगढ़/ बालोद/पुरूर/ विशेष रिपोर्ट_
कभी सख्त कार्रवाई और नशे के खिलाफ अपनी तेज छवि के लिए पहचाना जाने वाला पुरूर थाना आज सवालों के घेरे में खड़ा है। हालात इतने बिगड़ चुके हैं कि स्थानीय लोग अब इसे “मैराथन वसूली का अड्डा” कहने लगे हैं। आरोप गंभीर हैं नशे का खुला कारोबार, ढाबों में अवैध शराब बिक्री, और पुलिस की कथित मिलीभगत।
प्रदेश में कानून व्यवस्था को लेकर बड़े-बड़े दावे किए जाते हैं, लेकिन ज़मीनी हकीकत कुछ और ही कहानी बयां कर रही है। जिस थाना क्षेत्र में कभी सैकड़ों किलो गांजा पकड़ने की कार्रवाई होती थी, वहीं अब गांजा तस्करी और अवैध शराब का जाल बेखौफ फैल रहा है। सवाल सीधा है क्या यह सब पुलिस की जानकारी के बिना संभव है?
सूत्र बताते हैं कि थाना क्षेत्र में संचालित ढाबे सिर्फ खाने-पीने के केंद्र नहीं रह गए हैं, बल्कि अवैध शराब बिक्री के सुरक्षित ठिकाने बन चुके हैं। ग्रामीण इलाकों में गांजा खुलेआम घूम रहा है। इससे युवाओं का भविष्य अंधेरे में जा रहा है, और समाज में अपराध की जड़ें गहरी हो रही हैं।
सबसे चिंताजनक बात यह है कि जिन पर कानून व्यवस्था संभालने की जिम्मेदारी है, उन्हीं पर उंगलियां उठ रही हैं। अगर आरोपों में जरा भी सच्चाई है, तो यह सिर्फ लापरवाही नहीं, बल्कि जनता के भरोसे के साथ सीधा विश्वासघात है।
सरकार को समझना होगा कि “सुशासन” सिर्फ भाषणों से नहीं, बल्कि थानों के व्यवहार से दिखाई देता है। अगर थाना ही सवालों के घेरे में होगा, तो जनता न्याय की उम्मीद किससे करेगी?
क्या पुरूर थाना में बैठा स्टाफ जनता की सुरक्षा के लिए है या अवैध धंधों की निगरानी के लिए?
आखिर किसके संरक्षण में नशे का यह नेटवर्क फल-फूल रहा है?
क्यों कार्रवाई के नाम पर सिर्फ खानापूर्ति हो रही है?

अब वक्त आ गया है कि जिम्मेदार अधिकारियों पर सख्त कार्रवाई हो। सिर्फ लाइन अटैच या तबादला नहीं, बल्कि निष्पक्ष जांच और कड़ी सजा ही इस गिरती व्यवस्था को संभाल सकती है।
अगर समय रहते सुधार नहीं हुआ, तो पुरूर थाना क्षेत्र कानून व्यवस्था के लिए “ब्लैक स्पॉट” बन जाएगा। जनता चुप है, लेकिन नाराजगी अंदर ही अंदर उबल रही है और जब यह फटेगी, तो जिम्मेदारों के पास जवाब नहीं होगा।
टुकेश्वर पांडे भाजपा मंडल अध्यक्ष मिर्रीटोला (पुरूर)
पुलिस की भूमिका समाज के भीतर में सुरक्षा का भाव प्रदान करते हुए शांति स्थापित करना है। यदि थाना क्षेत्र में पुलिस भूमिका पर सवाल उठ रही है तो हम निश्चिंत रूप से इस दिशा में आम जनता के इच्छा अनुरूप कार्य करेगें ताकि जनता को बेहतरीन पुलिस प्रशासन की अनुभूति हो सके।
शैलेश ठाकुर ब्लॉक युवा कांग्रेस अध्यक्ष गुरुर
पुलिस प्रसासन की भूमिका पर उठ रही सवाल काफी गंभीर है और इस पर शासन और प्रशासन को गंभीरता के साथ में जांच कर पुलिस की भूमिका पर उठने वाली सवालो का कानून समस्त निराकरण करना चाहिए ताकि आम आदमी को किसी भी प्रकार का परेशानी ना हो।

अमित कुमार मंडावी बालोद, छत्तीसगढ़ आधारित अनुभवी वरिष्ठ पत्रकार हैं, जिन्हें पत्रकारिता के क्षेत्र में 8 वर्षों से अधिक का अनुभव है। वे जमीनी स्तर की सटीक रिपोर्टिंग और निष्पक्ष पत्रकारिता के लिए पहचाने जाते हैं। वर्तमान में वे Chhattisgarhjunction.in के माध्यम से अपराध, प्रशासन, सामाजिक मुद्दों, ग्रामीण समस्याओं और जनहित से जुड़ी खबरों को प्रमुखता से सामने लाते हैं।

