विनोद नेताम
छत्तीसगढ़/बालोद/गुरुर_
जगद्गुरु रामानंदाचार्य नरेंद्राचार्य जी की प्रेरणा से रामानंदाचार्य संप्रदाय द्वारा प्रत्येक वर्ष की भाती इस वर्ष भी पूरे भारत में 4 जनवरी से 18 जनवरी 2026 तक रक्तदान शिविर का आयोजन किया जा रहा है।
इसी कड़ी में रामानंदाचार्य संप्रदाय भक्त सेवा मण्डल जिला बालोद द्वारा रविवार दिनांक 14 जनवरी 2026 को देउर मंदिर सामुदायिक भवन गुरुर जिला बालोद में सुबह 09:00 से आयोजित है ।
पिछले वर्ष पूरे भारत में रामानंदाचार्य संप्रदाय द्वारा 1,36,272 यूनिट रक्तदान किया गया था। इस वर्ष पिछले 8 दिवस में 1,00,117 यूनिट रक्तदान हो चुका है।

झलमला में 11 जनवरी को 100 यूनिट रक्तदान किया गया। एक रक्तदान तीन जिंदगियों की उम्मीद होता है, इंसानियत के लिए रक्तदान प्रमुख माना गया है।
धन अनेक है, पुण्य अनेक हैं,परंतु जब जीवन संरक्षण होता है तब वह पुण्य सर्वश्रेष्ठ होता है,रक्तदान ही प्रत्यक्ष ईश्वर सेवा है।
रक्तदान से नवीन रक्त का सृजन होता है और 48 घंटे में पुनः रक्त बन जाता है। शरीर अधिक सक्रिय स्फूर्ति दायक और निरोगी रहता है। स्वास्थ्य संवर्धन होता है। नियमित रक्तदाता में रक्तचाप कोलेस्ट्रॉल एवं हृदय विकारों का प्रमाण अल्प होता है। थैलेसीमिया से पीड़ित मरीजों को,शल्य क्रिया और दुर्घटनाग्रस्त लोगों को, गर्भवती माता को,अन्य व्याधियों से संघर्ष करने वालों को उपचार का अवसर प्राप्त होता है।

रक्त दान में जाने से आपके रक्त की जांच की जाती है, जिससे आपका ब्लड ग्रुप और कितने प्रतिशत रक्त है इसकी जानकारी होती है। विशेष रक्त ग्रुप का भी पता चलता है।
आयोजकों ने आम नागरिकों से अपील की है कि वे अधिक से अधिक संख्या में इस जीवनदान महाकुंभ रक्तदान शिविर में सहभागी बनें और मानवता के इस महाअभियान में अपना अमूल्य योगदान देकर किसी जरूरतमंद के जीवन को नई आशा प्रदान करें।
आइए, मानवता के इस पर्व में सहभागी बनें।
रक्तदान करें सर्वश्रेष्ठ दान में शामिल हो।

अमित कुमार मंडावी बालोद, छत्तीसगढ़ आधारित अनुभवी वरिष्ठ पत्रकार हैं, जिन्हें पत्रकारिता के क्षेत्र में 8 वर्षों से अधिक का अनुभव है। वे जमीनी स्तर की सटीक रिपोर्टिंग और निष्पक्ष पत्रकारिता के लिए पहचाने जाते हैं। वर्तमान में वे Chhattisgarhjunction.in के माध्यम से अपराध, प्रशासन, सामाजिक मुद्दों, ग्रामीण समस्याओं और जनहित से जुड़ी खबरों को प्रमुखता से सामने लाते हैं।

