सिहावा नगरी के पावन धरा कर्णेश्वर महादेव मंदिर प्रांगण पर माघी पूर्णिमा मेले का पांच दिवसीय भव्य मेले का आयोजन होने जा रहा है।

छत्तीसगढ़/धमतरी/नगरी/सिहावा_

कर्णेश्वर महादेव मंदिर प्राचीन धरोहर स्थल पर आसीन है।

आसपास के देवी देवता के साथ श्रद्धालुगण पहुंचते है,शाही स्नान करने।
•पारंपरिक वेशभूषा और संस्कृति की झलकती है कला।
सांस्कृतिक कार्यक्रम एवं देवी देवता करते है,नृत्य।

छत्तीसगढ़,धमतरी जिला के सिहावा नगरी जो महानदी का उद्गम स्थल है,जिसके निकट पर कर्णेश्वर महादेव का प्राचीन मूर्ति एवं मंदिर बना हुआ है।
बताया जाता है कि यह मंदिर 11 वी 12 वी सदी में सोमवंशी राजा कर्णदेव ने बनवाया था। तब से यह जगह धार्मिक मान्यताओं के अनुसार आस्था और विश्वास का केंद्र बना हुआ है।

इसीलिए प्रतिवर्ष कर्णेश्वर महादेव मंदिर सेवा समिति के द्वारा माघ पूर्णिमा के शुभ अवसर पर यह भव्य आयोजन का शुभारंभ चार से पांच दिनों तक लगातार किया जाता है। ताकि प्राचीन धार्मिक मान्यताएं आदि अनंत काल तक जीवित रह सकें।

प्राचीन काल से यहां इस मंदिर प्रांगण पर आसपास एवं दूर दराज गांव से देवी देवताओं के साथ श्रद्धालुजन माघी पूर्णिमा के दिन अर्धरात्रि को पहुंच कर शाही स्नान कर महादेव का रुद्राभिषेक,जलाभिषेक कर पूजा अर्चना करते है।
यह मेला हर साल आयोजित किया जाता है। आसपास के गांव सहित दूर दराज से हजारों की भीड़ में लोग यहां पहुंचते है।
आज के दिन देवी देवताओं को स्नान करा कर विधि विधान के साथ पूजा अर्चना कर मंदिर की पवित्र प्रांगण देव स्थल पर रखा जाता है। सिंगी ऋषि पर्वत से ही महानदी का जन्म हुआ है, निरंतर जल पहाड़ों के ऊपर से धरती तल पर अविरल बहती है।
धमतरी जिला में सिहावा नगरी,धर्म की नगरी के नाम से काफी विख्यात हैं,यह इलाका चारों तरफ से घने जंगल एवं प्राकृतिक सुंदरता मनोरम दृश्य से घिरा हुआ हैं।

यह क्षेत्र दार्शनिक एवं पर्यटन स्थल होने की वजह से लोगों को काफी आकर्षित करते है। इस मेले में श्रद्धालु अर्ध रात्रि से ब्रम्ह मुहूर्त तक शाही स्नान कर डुबकी लगा कर मंदिर प्रांगण पर पहुंच कर शिव जी की मूर्ति का दर्शन कर अपनी मनोकामना पूर्ण कर परिवार एवं आसपास की सुख समृद्धि के साथ आशीर्वाद प्राप्त करते है।

सुरक्षा को लेकर धमतरी और सिहावा पुलिस पूरी तरह से अलर्ट है।ताकि किसी भी तरह की अप्रिय घटना न घट सकें। और आने जाने वाले श्रद्धालुओं को किसी भी तरह की कोई परेशानी न हो इसलिए हर चौक चौराहों पर नजर बनाए हुए है।
यह आयोजन संस्कृतिक और धार्मिक मान्यताओं को समझने उसके बारे में जानने लोगो को एक धर्म मंच पर इकठ्ठा करना होता है।

By Amit Mandavi

अमित कुमार मंडावी बालोद, छत्तीसगढ़ आधारित अनुभवी वरिष्ठ पत्रकार हैं, जिन्हें पत्रकारिता के क्षेत्र में 8 वर्षों से अधिक का अनुभव है। वे जमीनी स्तर की सटीक रिपोर्टिंग और निष्पक्ष पत्रकारिता के लिए पहचाने जाते हैं। वर्तमान में वे Chhattisgarhjunction.in के माध्यम से अपराध, प्रशासन, सामाजिक मुद्दों, ग्रामीण समस्याओं और जनहित से जुड़ी खबरों को प्रमुखता से सामने लाते हैं।

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