छत्तीसगढ़/ बालोद/गुरुर_बालोद जिले के गुरुर जनपद क्षेत्र अंतर्गत ग्राम पंचायत सरबदा को एक साल बीत जाने के बाद भी पानी टैंकर मुहैया न करा पाने में असफल दिखाई दे रहे है,जनपद क्षेत्र क्रमांक 08 की जनपद सदस्य संध्या अजेंद्र साहू,
बालोद जिले के गुरुर जनपद क्षेत्र अंतर्गत ग्राम पंचायत सरबदा को एक साल बीत जाने के बाद भी पानी टैंकर मुहैया न करा पाने में असफल दिखाई दे रहे है,जनपद क्षेत्र क्रमांक 08 की जनपद सदस्य संध्या अजेंद्र साहू,

• ग्राम नरबदा में नौ दिवसीय भव्य भागवत कार्यक्रम का आयोज जैसे कार्यक्रम के लिए टैंकर न मिल पाना।
• एक वर्ष से ज्यादा दिन बीत जाने के बाद भी टैंकर की सुधार आज तक नहीं हो पाई।
•गांव में हो रहे आयोजनों में टैंकर की सुविधा के बाद भी असुविधा।
•जनपद सदस्य पति अजेंद्र साहू की तुर्रे आसमान पर।
जबकि जनपद सदस्य के रूप में इस क्षेत्र की जनता ने उस पर भरोसा और विश्वास करके उन्हें सेवा करने का यह दूसरी बार उन्हें मौका दिया है।
बावजूद एक साल बीत जाने के बाद अपने जनपद निधि से दिए पानी टैंकर आज तक पंचायत एवं गांव में नहीं पहुंच पाया है,हालांकि अजेंन्द्र साहू इस मामले में टैंकर निर्माता कंपनी के सर पर ठिकरा फोड़ते हुये दिखाई देते है।
बता दे कि निजी एवं सार्वजनिक कार्यक्रम का आयोजन जब किया गया तब ग्रामवासियों के द्वारा नया टैंकर में पानी भरा गया तो पता चला कि टैंकर अंदर से फूटा हुआ है,और पानी पूरी तरह से उस छेद के जरिये नीचे गिर रहा है। फिर इससे पूर्व सरपंच रहे गीता मरई ने इस टैंकर को बदल कर या तो रिपेयरिंग करा कर लाने को कहा, इसीलिए इस टैंकर का भुगतान भी पूरा नहीं किया गया था। पहले इस टैंकर को बनवा कर लाओ या तो नया बनवा कर दो कहकर कुछ राशि को रोक पंचायत रखा हैं।
फिर भी एक वर्ष से ज्यादा दिन बीत जाने के बाद भी टैंकर का सूरत कैसा था अब तो गांव वाले भी भूल गए है।क्या एक जनप्रतिनिधि को इस तरह से लोगों को वादा कर अपने कार्यों के प्रति लापरवाही और कोताही बरतना एक जिम्मेदार व्यक्ति को शोभा देती है।
कई घरों में शादी विवाह,या गांव में रामायण,भागवत अन्य प्रयोजन जैसे उक्त कार्यक्रम के लिए कई बार ऐसी स्थिति भी निर्मित हो जाती है, जिसके लिए पानी की सुविधा होते हुए भी
एक स्थान से दूसरे स्थान तक ले जाने के लिए काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ता है।
जरूरत के समय जब वह किसी का काम नहीं आया तो उस चीज का कोई मोल नहीं होता।
सुविधा होते हुए भी अगर ग्रामीणों को असुविधा का सामना करना पड़े तो यह इस क्षेत्र की जनप्रतिनिधि के लिए शर्म की बात है।
वहीं इसकी जानकारी सरपंच प्रीत कुमार गुरुपंच से लिया गया तो उन्होंने साफ साफ शब्दों में कह दिया कि जब तक पानी टैंकर मेरे पंचायत में नहीं आएगा मै इसकी जिम्मेदारी नहीं लूंगा और शपथ लेने से पहले पूर्व कार्यकाल में इसकी राशि का भुगतान कर दिया गया था। कुछ राशि बचा है।जिसे पंचायत के खाते में सुरक्षित रख दिया गया है। जब पानी टैंकर पंचायत में आयेगा तब उसकी पूरी राशि का भुगतान किया जाएगा।

अमित कुमार मंडावी बालोद, छत्तीसगढ़ आधारित अनुभवी वरिष्ठ पत्रकार हैं, जिन्हें पत्रकारिता के क्षेत्र में 8 वर्षों से अधिक का अनुभव है। वे जमीनी स्तर की सटीक रिपोर्टिंग और निष्पक्ष पत्रकारिता के लिए पहचाने जाते हैं। वर्तमान में वे Chhattisgarhjunction.in के माध्यम से अपराध, प्रशासन, सामाजिक मुद्दों, ग्रामीण समस्याओं और जनहित से जुड़ी खबरों को प्रमुखता से सामने लाते हैं।

