बजट में धान नहीं, धन कंहा से आयेंगे,बजट में जंगल और खनिज है, हम कंहा जायेंगे?

विनोद नेताम (वरिष्ठ पत्रकार)
छत्तीसगढ़/विशेष रिपोर्ट _
छत्तीसगढ़ की पहचान धान और किसान के साथ यंहा की जल जंगल और जमीन भी है।

जैसे कि अमृतकाल के इस दौर में खुलेआम यह देखा जा रहा है कि हमारी मुख्य पहचान कंही कंही अपनी मूल खोता ही जा रहा है। ऐसे में हमारी चुनी हुई सरकार हमारी पहचान बरकार रखने के लिये क्या प्रयास कर रही है यह एक बड़ा सवाल है।
देश के यूनियन बजट में छत्तीसगढ़ को झुनझुना मिलने के बाद भी हमारे छत्तीसगढ़ के सत्ताधारी पार्टी के नेताओं ने बजट की तारीफ करते हुए इसे विकसित भारत और विकसित छत्तीसगढ़ बताने में कोई कसर नहीं छोड़ा है।

जबकि हकीकत ये है कि छत्तीसगढ़ जितना देते हुये आया है उसके अनुरुप इस बजट में कुछ भी नहीं मिला है। ऊपर से छत्तीसगढ़ को कुछ देने के बजाय यहाँ पर माइनिंग को बढ़ावा देकर छत्तीसगढ़ के खनिज-संसाधनों का दोहन करने की ही योजना बस तैयार की गई है।

ऐसे में पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने भी इस बजट पर सवाल खड़े करते हुए कहा है ये बजट शेखचिल्ली का शोरबा है। शेखी बघारते रहे कि विश्व में फलां नंबर की अर्थव्यवस्था हो गई, विश्व गुरु हो गए, पर बजट ने कलई खोल कर रख दी।

पिछले साल यानी वर्ष 2025-26 में न राजस्व बढ़ा पाए, न टैक्स वसूली मज़बूत हो सकी। इस बार भी निर्मला सीतारमण जी के धुंआधार बजट में धुंआ बहुत है और धार बहुत पतली है।
स्वास्थ्य, शिक्षा, सामाजिक विकास और ग्रामीण विकास से लेकर शहरी विकास तक हर क्षेत्र में कटौती ही कटौती। फसल बीमा, यूरिया सब्सिडी, ग़रीब कल्याण अन्न योजना से लेकर ग़रीबों को गैस योजना सब में कटौती कर दी गई है। यहां तक कि ओबीसी, अनुसूचित जाति और जनजाति सभी क्षेत्रों में कटौतियां कर दी गईं हैं. बच्चों की छात्रवृत्ति की राशि तक घटा दी है। न बढ़ती महंगाई का कोई उपाय, न बढ़ती बेरोज़गारी को रोकने का कोई प्रयास। न विदेशी हलचल से बाज़ार पर होने वाले असर को रोकने का कोई संकल्प।
यह कटौती का बजट है।
मोदी जी अब काटने में लग गए हैं। बांट तो वो पहले ही रहे थे।
मुख्यमंत्री विष्णु देव ने कहा विकास और उन्नति का बजट।

मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने केंद्रीय बजट 2026-27 पर प्रतिक्रिया व्यक्त करते हुए कहा कि यह बजट भारत के सुनहरे और विकसित भविष्य की दिशा में एक ऐतिहासिक दस्तावेज है। कर्तव्य भवन में बना हुआ यह पहला बजट है, जिसमें देश के समग्र विकास और प्रत्येक नागरिक के कल्याण को ध्यान में रखते हुए तीन प्रमुख कर्तव्यों-आर्थिक विकास एवं रोजगार वृद्धि, जनता की अपेक्षाओं की पूर्ति तथा ‘सबका साथ, सबका विकास’ को केंद्र में रखा गया है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि यशस्वी प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण द्वारा प्रस्तुत यह बजट गरीब, किसान, युवा, महिला, मध्यम वर्ग और श्रमिक वर्ग के उत्थान के लिए मील का पत्थर साबित होगा। उन्होंने कहा कि छत्तीसगढ़ जैसे राज्यों को इस बजट का सीधा लाभ मिलेगा।
कृषि और ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूती
बजट में किसानों की आय बढ़ाने और ग्रामीण अर्थव्यवस्था को सशक्त करने के लिए कई महत्वपूर्ण कदम उठाए गए हैं।

एआई और आधुनिक तकनीक के माध्यम से कृषि उत्पादकता बढ़ाने, पशुपालन एवं डेयरी उद्योग को प्रोत्साहन देने की योजना बनाई गई है। साथ ही महात्मा गांधी ग्राम स्वराज पहल के तहत स्थानीय उद्योग और हस्तशिल्प को बढ़ावा देकर ग्रामीणों के लिए रोजगार के नए अवसर सृजित होंगे।
युवाओं के लिए रोजगार के नए अवसर
मुख्यमंत्री ने कहा कि इस बजट में युवाओं के लिए रोजगार सृजन पर विशेष जोर दिया गया है। स्टार्टअप, एमएसएमई, मैन्युफैक्चरिंग और पर्यटन जैसे क्षेत्रों में नए अवसर पैदा होंगे। पर्यटन को बढ़ावा देने से स्थानीय आर्थिक विकास को गति मिलेगी और युवाओं को अपने ही क्षेत्र में रोजगार मिलेगा। विदेश यात्रा और विदेशों में पढ़ाई भी पहले की तुलना में सस्ती होगी।
स्वास्थ्य क्षेत्र में ऐतिहासिक पहल
स्वास्थ्य क्षेत्र को लेकर बजट को ऐतिहासिक बताते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि बायोफार्मा सेक्टर के लिए 10 हजार करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है, जिससे कैंसर, डायबिटीज सहित अन्य गंभीर बीमारियों की दवाइयां सस्ती होंगी। जिला अस्पतालों के उन्नयन, हर जिले में इमरजेंसी एवं ट्रॉमा सेंटर की स्थापना, मानसिक स्वास्थ्य और आयुर्वेदिक चिकित्सा को बढ़ावा देने के साथ-साथ मेडिकल टूरिज्म के लिए राज्यों में पांच रीजनल हब स्थापित किए जाएंगे। इससे छत्तीसगढ़ सहित पूरे देश में स्वास्थ्य सेवाओं का स्तर बेहतर होगा और रोजगार के नए अवसर भी खुलेंगे।
महिला सशक्तिकरण को नई दिशा
लखपति दीदी योजना के विस्तार के माध्यम से महिलाओं को क्रेडिट-लिंक्ड स्वरोजगार, उद्यमिता और स्थानीय बाजार से जोड़ने की व्यवस्था की गई है। इसके अलावा हर जिले में बालिकाओं के लिए छात्रावास निर्माण की घोषणा से उन्हें उच्च शिक्षा में सहायता मिलेगी।

उद्योग, शिक्षा और खेल को बढ़ावा
देश की आर्थिक मजबूती के लिए 7 हाई-स्पीड रेल कॉरिडोर, 20 नए जलमार्ग, बड़े टेक्सटाइल पार्क और 4 राज्यों में खनिज कॉरिडोर की घोषणा की गई है। सेमीकंडक्टर मिशन के लिए 40 हजार करोड़ रुपये के निवेश से औद्योगिक विकास और रोजगार को नई गति मिलेगी। वहीं खेलो इंडिया मिशन और शिक्षा क्षेत्र में सुधारों से बच्चों और युवाओं को बेहतर अवसर मिलेंगे।
कर सुधार और आम जनता को राहत
आयकर प्रक्रिया को सरल बनाया गया है और छोटे करदाताओं के लिए आसान व्यवस्था की गई है। दवाइयां, कपड़े, जूते, मोबाइल, ईवी बैटरी, सोलर उपकरण, बायोगैस-सीएनजी सहित कई रोजमर्रा की वस्तुएं सस्ती होंगी, जिससे आम जनता को सीधी राहत मिलेगी।
अंत में मुख्यमंत्री ने कहा कि केंद्रीय बजट 2026-27 ‘सबका साथ, सबका विकास, सबका प्रयास और सबका विश्वास’ की भावना को और मजबूत करता है।

यह बजट छत्तीसगढ़ सहित पूरे देश में समावेशी विकास सुनिश्चित करेगा।

उन्होंने छत्तीसगढ़ की जनता की ओर से प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण को इस ऐतिहासिक, विकासशील और जनकल्याणकारी बजट के लिए हार्दिक धन्यवाद ज्ञापित किया।

By Amit Mandavi

अमित कुमार मंडावी बालोद, छत्तीसगढ़ आधारित अनुभवी वरिष्ठ पत्रकार हैं, जिन्हें पत्रकारिता के क्षेत्र में 8 वर्षों से अधिक का अनुभव है। वे जमीनी स्तर की सटीक रिपोर्टिंग और निष्पक्ष पत्रकारिता के लिए पहचाने जाते हैं। वर्तमान में वे Chhattisgarhjunction.in के माध्यम से अपराध, प्रशासन, सामाजिक मुद्दों, ग्रामीण समस्याओं और जनहित से जुड़ी खबरों को प्रमुखता से सामने लाते हैं।

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