बालोद भाजपा के अंदर में परिवारवाद का जमकर बोलबाला,पार्टी कार्यकर्ताओं ने सोशल मिडिया में जमकर मचाया बवाल।

विनोद नेताम (वरिष्ठ पत्रकार)
छत्तीसगढ़/बालोद/गुरुर /विशेष रिपोर्ट_
क्या सचमुच छोटे और आम कार्यकर्त्ताओं को दर्री बिछाने वाले नौकर मानकर चलती भारतीय जनता पार्टी के भीतर मौजूद आला और बड़े नेता?
दरअसल भाजपा युवा मोर्चा बलोद के भीतर मौजूद पदाधिकारियों के नामों की घोषणा होने के बाद पार्टी के खातिर छत्तीसगढ़ की पत्थरिली जमीन पर कमल खिलाने हेतू दिन रात गैरी मताकर कीचड़ का इंतजाम करने वाले मेहनती भाजपाई कार्यकर्ताओ के बीच में अब बवाल मचने की खबर जग जाहिर हो चुकी है।

जानकारी के मुताबिक बड़े भाजपाई नेताओं के सुपुत्रों को ठेकेदारी के साथ भाजपा युवा मोर्चा में मलाई दार पद आंबटित किया गया है। जिसे लेकर एक तरफ जंहा पर बड़े भाजपाई नेताओं के सुपात्र सुपुत्रों और रिश्तेदारों में खुशी का माहौल एवं लहर व्याप्त है तों वंही दूसरी ओर उपेक्षा अनदेखी के शिकार बन चुके पार्टी के मेहनती कार्यकताओं की फौज जिनके चेहरों पर टूंहू देखने वाली मायुंसी देखने को मिल रही है।
आखिर क्यों कहा जा रहा है कि नाम बड़े और दर्शन छोटे के तर्ज और कहावत को चरितार्थ करने वाली राजनितिक दल बनने के लिये उतारू नजर आ रही है भारतीय जनता पार्टी बालोद की छवि?

चूंकि परिवारवाद के नाम पर पूरे देश भर के अंदर में भाजपा ने ही हड़कंप मचाया था और इस हड़कंप के चलते ना सिर्फ कई राजनितिक दलो के भीतर मौजूद गैर भाजपाई नेताओं के बच्चों की राजनितिक भविष्य दांव पर लग गया अपितु कई लोगों ने तो राजनीती से ही हमेशा के लिये मूंह भी मोड़ लिया है,जबकि अमृतकाल के इस दौर में भाजपा के भीतर में मौजूद बड़े नेताओं के अधसिख्खे बच्चे ही संम्हाल रहे है भाजपा का अगला कदम।

ऐसे में भाजपा की करनी और कथनी को लेकर भाजपा के भीतर में ही अब सवाल उठना शुरू हो गया है।

अवगत हो कि भारतीय जनता पार्टी के बड़े नेताओं के बच्चों को लेकर बड़े बड़े बवाल और उनसे जुड़ा हुआ विदेशी कारोबार सबके सामने जग जहिर हो चुकी है, सिवाय प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जी को छोडकर,वंही बांकी बीजेपी के भीतर मौजूद बड़े नेताओं के बच्चों का विदेशी धरती और देश की सरजंमी से क्या और कैसा रिश्ता है यह बताने की आवश्यकता नहीं है,हालांकि बीजेपी के बड़े नेताओं के लिये बीजेपी के भीतर ही मौजूद आम और छोटे कार्यकर्ताओं के बच्चे ही आगे आकर दर्री बिछाने व नारा लगाने का काम करते है, लेकिन जैसे ही मलाई खाने की बारी आती है तब बीजेपी के यही बड़े नेतागण बड़प्पन के आड़ में इन्हे पीछे करते हुये अपने बच्चों को सामने लाकर खड़ा कर देते है।

किसी भी राजनितिक दल से तालुक रखने वाला कार्यकर्त्ता अपनी पार्टी के लिये दूध से निकाल कर फेंका गया मख्खी के समान नहीं हो सकता है बल्कि हर कार्यकर्त्ता अपने पार्टी के लिये किसी खजाने से कम नही होता है।

भारतीय जनता पार्टी भी अपने कार्यकताओं को अपनी सबसे बडी पूंजी मानकर चलती है, लेकिन जिस तरह से बालोद युवा मोर्चा के भीतर में बड़े नेताओं के सुपुत्र रिश्तेदार और सुपुत्रों को जगह मिली है,उसे देखकर कार्यकर्ताओं मची हुई बवाल बहुत कुछ बात की ओर इशारा करती है।

By Amit Mandavi

अमित कुमार मंडावी बालोद, छत्तीसगढ़ आधारित अनुभवी वरिष्ठ पत्रकार हैं, जिन्हें पत्रकारिता के क्षेत्र में 8 वर्षों से अधिक का अनुभव है। वे जमीनी स्तर की सटीक रिपोर्टिंग और निष्पक्ष पत्रकारिता के लिए पहचाने जाते हैं। वर्तमान में वे Chhattisgarhjunction.in के माध्यम से अपराध, प्रशासन, सामाजिक मुद्दों, ग्रामीण समस्याओं और जनहित से जुड़ी खबरों को प्रमुखता से सामने लाते हैं।

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