विनोद नेताम वरिष्ठ पत्रकार
रायपुर/ विशेष रिपोर्ट_
राजधानी के सबसे अहम विकास संस्थानों में गिने जाने वाले रायपुर विकास प्राधिकरण (RDA) में तैनात एक अधिकारी पर भ्रष्टाचार, मनमानी और अमर्यादित व्यवहार के ऐसे आरोप लगे हैं, जिन्होंने सियासी गलियारों में हलचल मचा दी है। मामला सीधे मुख्यमंत्री तक पहुंच चुका है और अब पूरे प्रकरण पर सरकार की साख दांव पर नजर आ रही है।

लेकिन उनके काम जानबूझकर लटकाए जा रहे हैं। आरोपों की मानें तो यह पूरा सिस्टम “इशारे और इशारों में चलने वाला खेल” बन चुका है।
मामला यहीं नहीं थमता,शिकायत में अधिकारी के व्यवहार को लेकर भी गंभीर सवाल उठाए गए हैं। बताया गया है कि उनका रवैया आम जनता ही नहीं, बल्कि अपने ही विभाग के कर्मचारियों के साथ भी अपमानजनक है। खासतौर पर महिला कर्मचारियों के प्रति उनके आचरण को लेकर जताई गई आपत्ति ने मामले को और ज्यादा गंभीर बना दिया है।
राजधानी के एक महत्वपूर्ण कार्यालय में इस तरह का माहौल होना न केवल प्रशासनिक विफलता को उजागर करता है, बल्कि सीधे-सीधे सरकार के “सुशासन” के दावों पर भी चोट करता है। सवाल उठ रहा है कि आखिर ऐसे अधिकारी को संरक्षण किसका है, जो खुलेआम नियमों को ठेंगा दिखा रहा है?

शिकायतकर्ता ने मुख्यमंत्री से मांग की है कि मामले की निष्पक्ष जांच कर तत्काल कार्रवाई की जाए और आरोपी अधिकारी को पद से हटाया जाए।अब निगाहें इस बात पर टिकी हैं कि सरकार इस शिकायत पर कितनी तेजी और सख्ती से एक्शन लेती है,या फिर यह मामला भी फाइलों में दबकर रह जाएगा।
राजधानी में उठे इस ‘भ्रष्टाचार के तूफान’ ने साफ कर दिया है,अगर कार्रवाई नहीं हुई, तो यह मुद्दा आने वाले दिनों में बड़ा राजनीतिक विस्फोट बन सकता है।

अमित कुमार मंडावी बालोद, छत्तीसगढ़ आधारित अनुभवी वरिष्ठ पत्रकार हैं, जिन्हें पत्रकारिता के क्षेत्र में 8 वर्षों से अधिक का अनुभव है। वे जमीनी स्तर की सटीक रिपोर्टिंग और निष्पक्ष पत्रकारिता के लिए पहचाने जाते हैं। वर्तमान में वे Chhattisgarhjunction.in के माध्यम से अपराध, प्रशासन, सामाजिक मुद्दों, ग्रामीण समस्याओं और जनहित से जुड़ी खबरों को प्रमुखता से सामने लाते हैं।

