विनोद नेताम वरिष्ठ पत्रकार
छत्तीसगढ़/विशेष रिपोर्ट_
दैनिक भास्कर की रिपोर्ट ने छत्तीसगढ़ की सियासत और सिस्टम दोनों में हलचल मचा दी है।आबकारी विभाग के मैनपावर टेंडर में जो सामने आया है, वह सिर्फ एक प्रक्रिया पर सवाल नहीं,पूरे सिस्टम की निष्पक्षता पर सीधा हमला है।

एक मालिक दो कंपनियां फिर भी चयन?
टेंडर की शर्तें साफ कहती हैं,एक मालिक की दो कंपनियों का चयन नहीं होगा।
लेकिन हकीकत में क्या हुआ?
एसआईएस कैश सर्विसेस लिमिटेड और डस्टर टोटल सॉल्युशन सर्विसेस प्राइवेट लिमिटेड दोनों के एक ही मालिक होने के आरोप,टेंडर में पहले ही लिखित घोषणा,“दूसरी कंपनी भाग नहीं ले रही”
फिर भी 25 मार्च को चयन सूची में दोनों का नाम,यह सीधा सवाल खड़ा करता है।
क्या नियम सिर्फ दिखावे के लिए बनाए जाते हैं?
300 करोड़ का खेल और शर्तों पर उठते सवाल
करीब 300 करोड़ रुपए के इस टेंडर में 148 कंपनियों ने भाग लिया, लेकिन अंतिम चयन में सिर्फ 8 कंपनियां आईं।
अब सवाल ये है कि
क्या तकनीकी जांच निष्पक्ष थी?
क्या पहले से तय “फेवरेट” कंपनियों को फायदा पहुंचाया गया?
डिबार कंपनी को भी एंट्री?
मामला यहीं नहीं रुकता इनोविजन लिमिटेडजिस पर नेशनल हाईवे अथॉरिटी ऑफ इंडिया ने 25 जुलाई 2025 को डिबारमेंट लगाया था।
आरोप टोल वसूली में गड़बड़ी, फर्जी गतिविधियां
सजा, एक साल का प्रतिबंध, अनुबंध समाप्त
फिर भी, उसी कंपनी को इस बड़े सरकारी टेंडर में शामिल कर लिया गया,भले ही कोर्ट से अंतरिम राहत मिली हो, लेकिन सवाल कायम है।
क्या सरकार “क्लीन रिकॉर्ड” को अब जरूरी नहीं मानती? सियासी कनेक्शन ने बढ़ाया तापमान
सबसे बड़ा धमाका यहीं है।
आरोप,दोनों कंपनियां सत्ताधारी दल से जुड़े एक भाजपा नेता की अगर यह सच है, तो मामला सिर्फ नियम उल्लंघन नहीं।
सीधा-सीधा सत्ता के दुरुपयोग का आरोप बन जाता है।
अब सवालों से भागेगा कौन?
जब शर्तों में साफ लिखा था, तो उल्लंघन कैसे हुआ?
लिखित घोषणा के बावजूद दो कंपनियां कैसे घुस गईं?
डिबार कंपनी को क्लियरेंस किस आधार पर मिला?
क्या पूरा टेंडर पहले से “फिक्स” था?
जनता पूछ रही है, जवाब कौन देगा?
यह मामला अब सिर्फ फाइलों तक सीमित नहीं है।
यह टैक्सपेयर के 300 करोड़ रुपए का सवाल है,
यह प्रणाली की पारदर्शिता का सवाल है,
और सबसे बढ़कर,यह लोकतंत्र में भरोसे का सवाल है।
अगर समय रहते जवाब नहीं मिला,तो यह मुद्दा सिर्फ खबर नहीं रहेगा
छत्तीसगढ़ की सियासत में “गदर” बन जाएगा।

अमित कुमार मंडावी बालोद, छत्तीसगढ़ आधारित अनुभवी वरिष्ठ पत्रकार हैं, जिन्हें पत्रकारिता के क्षेत्र में 8 वर्षों से अधिक का अनुभव है। वे जमीनी स्तर की सटीक रिपोर्टिंग और निष्पक्ष पत्रकारिता के लिए पहचाने जाते हैं। वर्तमान में वे Chhattisgarhjunction.in के माध्यम से अपराध, प्रशासन, सामाजिक मुद्दों, ग्रामीण समस्याओं और जनहित से जुड़ी खबरों को प्रमुखता से सामने लाते हैं।

