विनोद नेताम वरिष्ठ पत्रकार
छत्तीसगढ़/कांकेर/ विशेष रिपोर्ट_
छत्तीसगढ़ के कांकेर से उठी एक महिला की शिकायत ने अब स्थानीय से राष्ट्रीय राजनीति तक हलचल मचा दी है। भाजपा के जिला उपाध्यक्ष पर लगे दबाव, धमकी और दुराचार के आरोप अब सिर्फ एक जिले का मुद्दा नहीं रह गए, बल्कि इसे लेकर सियासी हलकों में बड़ी बहस छिड़ गई है।
पीड़िता द्वारा महिला आयोग में की गई शिकायत के बाद सवाल उठ रहा है कि क्या राजनीतिक रसूख के दम पर कानून से बचने की कोशिश की जा रही है? वहीं विपक्ष इस मुद्दे को लेकर भाजपा को घेरने में जुट गया है।
दिल्ली तक गूंज – बड़े नेताओं के बयान और दावे भी चर्चा में
देश के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व वाली सरकार और पार्टी की छवि पर भी विपक्ष सवाल खड़े कर रहा है।
इसी बीच भाजपा के वरिष्ठ नेता सुब्रमण्यम स्वामी द्वारा समय-समय पर किए गए बयानों और दावों को भी सोशल मीडिया पर जोड़कर देखा जा रहा है।
कुछ चर्चाओं में एक महिला पत्रकार द्वारा “मोदी” नाम को लेकर किए गए दावों का भी हवाला दिया जा रहा है,हालांकि इन बातों की आधिकारिक पुष्टि नहीं है, लेकिन जमीनी स्तर पर बहस जरूर तेज हो गई है।
महाराष्ट्र कनेक्शन – वायरल वीडियो ने बढ़ाई सियासी आग
महाराष्ट्र में भाजपा से जुड़ी एक महिला पदाधिकारी का कथित वीडियो, जिसमें एक तथाकथित “बाबा” के साथ उनकी मौजूदगी बताई जा रही है, हाल ही में सोशल मीडिया पर वायरल हुआ।
इस वीडियो की भी स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है, लेकिन इसे लेकर पार्टी की छवि पर सवाल उठाए जा रहे हैं।
कांकेर केस – क्या होगा आगे?
पीड़िता ने महिला आयोग में शिकायत दर्ज कराई
आरोपी नेता ने आरोपों को राजनीतिक साजिश बताया
पुलिस कार्रवाई और FIR को लेकर स्थिति स्पष्ट नहीं
सवाल जो सियासत में गूंज रहे हैं
क्या राजनीतिक ताकत कानून से ऊपर है?
क्या पार्टी अपने नेताओं पर लगे आरोपों की निष्पक्ष जांच कराएगी?
क्यों बार-बार अलग-अलग राज्यों से ऐसे विवाद सामने आ रहे हैं?
राजनीतिक रसूख के दम पर शर्मनाक खेल! भाजपा उपाध्यक्ष पर महिला का बड़ा आरोप, आयोग तक पहुंचा मामला
कांकेर। जिले की सियासत में उस वक्त हड़कंप मच गया जब एक महिला ने भाजपा के जिला उपाध्यक्ष पर दबाव, धमकी और दुराचार जैसे गंभीर आरोप लगाते हुए महिला आयोग का दरवाज़ा खटखटाया। मामला सामने आते ही राजनीतिक गलियारों में हलचल तेज हो गई है।
पीड़िता का आरोप है कि आरोपी नेता ने राजनीतिक पहुंच और रसूख का इस्तेमाल कर उसे बार-बार प्रताड़ित किया, साथ ही नौकरी खत्म करने की धमकी देकर मानसिक दबाव बनाया। महिला ने यह भी दावा किया है कि आरोपी का पार्टी की अन्य महिलाओं से भी संदिग्ध संबंध रहा है, जिससे मामला और गंभीर हो गया है।
बताया जा रहा है कि पीड़िता लंबे समय से डर और दबाव में जी रही थी। आरोपी के प्रभावशाली होने के कारण वह थाने में रिपोर्ट दर्ज कराने से भी डर रही थी। आखिरकार हिम्मत जुटाकर उसने राज्य महिला आयोग में शिकायत दर्ज कराई, जिसके बाद अब एफआईआर दर्ज होने की संभावना भी जताई जा रही है।
सूत्रों के अनुसार, मामला अप्रैल 2024 से जुड़ा हुआ है, जब आरोपी ने महिला को अपने झांसे में लेकर पहले नज़दीकियां बढ़ाईं और फिर जबरदस्ती संबंध बनाने का आरोप सामने आया। महिला का कहना है कि विरोध करने पर उसे सामाजिक बदनामी और करियर बर्बाद करने की धमकी दी गई।
वहीं आरोपी नेता ने सभी आरोपों को सिरे से खारिज करते हुए इसे राजनीतिक साजिश और छवि खराब करने की कोशिश बताया है। उन्होंने कहा कि उनके खिलाफ लगाए गए आरोप निराधार और मनगढ़ंत हैं।
अब देखना होगा कि महिला आयोग और पुलिस प्रशासन इस गंभीर मामले में क्या कदम उठाते हैं, लेकिन इतना तय है कि यह मामला आने वाले दिनों में सियासी तूफान खड़ा कर सकता है।

अमित कुमार मंडावी बालोद, छत्तीसगढ़ आधारित अनुभवी वरिष्ठ पत्रकार हैं, जिन्हें पत्रकारिता के क्षेत्र में 8 वर्षों से अधिक का अनुभव है। वे जमीनी स्तर की सटीक रिपोर्टिंग और निष्पक्ष पत्रकारिता के लिए पहचाने जाते हैं। वर्तमान में वे Chhattisgarhjunction.in के माध्यम से अपराध, प्रशासन, सामाजिक मुद्दों, ग्रामीण समस्याओं और जनहित से जुड़ी खबरों को प्रमुखता से सामने लाते हैं।

