विनोद नेताम वरिष्ठ पत्रकार
बालोद/गुरुर/ विशेष रिपोर्ट_
“धोबनपुरी पंचायत में ‘तालमेल का टोटा’, विकास कार्य ठप”
ग्राम पंचायत धोबनपुरी में इन दिनों सरपंच और सचिव के बीच आपसी तालमेल की कमी के कारण पंचायत का कामकाज पूरी तरह प्रभावित हो गया है,दोनों के बीच समन्वय न होने से विकास कार्य ठप पड़े हैं, जिससे ग्रामीणों को कई समस्याओं का सामना करना पड़ रहा है।
जानकारी के अनुसार, पंचायत में स्वच्छता अभियान, पेयजल व्यवस्था सहित कई महत्वपूर्ण योजनाएं अधर में लटक गई हैं। पंचायत कार्यालय में भी नियमित कार्य नहीं हो पा रही है।
पंचायत में काम करने वाले रोजगार सहायक और चपरासी का मेहताना लगभग एक वर्ष हो गया अभी तक उसे पेमेंट नहीं मिला है, जिसके चलते परिवार चलाने में काफी दिक्कतो का सामना करना पड़ रहा है।

सचिव और पंचायत चपरासी ने बताया कि दिवाली पर्व के पहले सरपंच के द्वारा नल जल या अन्य कर की वसूली के लिए प्रत्येक घर से चार महीने का 200 रुपए के हिसाब से लगभग 25 से 30 हजार रुपए वसूली करने की बात सामने आई है।
लेकिन यह राशि अभी तक पंचायत के कोष में जमा नहीं हुआ है।
लेकिन आपसी भेद के चलते पंचायत कर्मचारी,सफाई करने वाले महिला समूह को एक साल से भुगतान नहीं होने की भी जानकारी प्राप्त हुई है।
इसके पूर्व कार्यकाल में सरपंच पद की कमान सम्हाल चुके कुंती बाई रावटे एवं उनके पचों को मिलने वाली मानदेय राशि जो कि जिला से फरवरी माह में ही जनपद के खाते में हस्तांतरण कर दिया गया है,उसके बावजूद भी अपने ही मानदेय की राशि के लिए पंचायत का चक्कर लगाने को मजबूर हो गए है।पूर्व कार्यकाल में सेवा दे चुके जनप्रतिनिधि।
पंचायत स्तर पर पूर्णतः निर्माण कार्य करने वाले ठेकेदारों को भी अपने मेहनत की कमाई को निकालने के लिए दर दर भटकते हुए रोजाना पंचायत कार्यालय और जनपद कार्यालय गुरुर का चक्कर लगाते लगाते थक चुके है। अगर समय रहते भुगतान नहीं होगी तो कोर्ट की शरण में भी जाने की बात सामने आ रही है।
आखिर किसके इशारों पर हो रहा है पंचायत का खेला क्यों नहीं हो रही है भुगतान,सोचनीय शब्दों को दे रही जन्म।
तो वही सचिव खिलानंद साहू का कहना है,कि टैक्स वसूली की जो राशि है,उसे जमा करने के लिए कई बार सरपंच को बोलने के बाद भी राशि अभी तक जमा नहीं कर पाई है।
क्योंकि ऑडिट के समय आय व्यय का पूरा हिसाब किताब देना पड़ता है। ताकि पंचायत स्तर पर होने वाले हर खर्चे का ब्यौरा,बिल, व्हाउचर, कैश पंजी रजिस्टर के माध्यम से देना पड़ता है।
लेकिन वहीं ग्राम पंचायत सरपंच प्रभा बाई साहू ने बताया कि गांव वाले से टैक्स की राशि दीपावली के पहले वसूली की गई थी,जिसे गांव की साफ सफाई और पेयजल व्यवस्था में तथा कुछ राशि नल जल ऑपरेटर ,पंचायत चपरासी को देने की बात कही है।
पंचायत अधिनियम ये कहता है कि, किसी भी कार्य को करने से पहले सबसे पहले पंचायत प्रस्ताव, किया जाता है। सभी की सहमति लिया जाता है,फिर कार्य को प्रारंभ किया जाता है।
बालोद जिला के गुरुर जनपद पंचायत के अंतर्गत ग्राम पंचायत धोबनपुरी इन दिनों काफी चर्चा में है,क्योंकि सरपंच और सचिव के बीच आपसी विवाद एक दूसरे पर आरोप प्रत्यारोप के चलते पंचायत का कार्य पूरी तरह से चरमरा गई है।भुगतान के मामले में अन्य पंचायतों की अपेक्षा धोबनपुरी पंचायत काफी पिछड़ चुका है।
वहीं इस मामले को लेकर जनपद पंचायत गुरुर के अधिकारियों द्वारा अभी तक कोई ठोस कार्यवाही नहीं किया गया है। लेकिन बहुत जल्द इस समस्या का समाधान किए जाने की भी बात सामने आई है।

अमित कुमार मंडावी बालोद, छत्तीसगढ़ आधारित अनुभवी वरिष्ठ पत्रकार हैं, जिन्हें पत्रकारिता के क्षेत्र में 8 वर्षों से अधिक का अनुभव है। वे जमीनी स्तर की सटीक रिपोर्टिंग और निष्पक्ष पत्रकारिता के लिए पहचाने जाते हैं। वर्तमान में वे Chhattisgarhjunction.in के माध्यम से अपराध, प्रशासन, सामाजिक मुद्दों, ग्रामीण समस्याओं और जनहित से जुड़ी खबरों को प्रमुखता से सामने लाते हैं।

