विनोद नेताम वरिष्ठ पत्रकार
रायपुर/बालोद/गुरुर/विशेष रिपोर्ट_
पुलिस-आबकारी पर सवालों की बौछार, खुलेआम बिक रही शराब गांव का माहौल बिगड़ा।
ग्राम पंचायत कन्हारपुरी इन दिनों अवैध शराब के काले कारोबार को लेकर सुर्खियों में है। गांव के पूर्व उपसरपंच प्रकाश देवांगन पर आरोप है कि वे अपने घर में संचालित किराना दुकान की आड़ में खुलेआम शराब बेच रहे हैं। स्थानीय लोगों का कहना है कि दुकान अब किराना कम और “मिनी भट्टी” ज्यादा नजर आती है, जहां दिनभर संदिग्ध गतिविधियों का दौर चलता रहता है।
ग्रामीणों के अनुसार, आरोपी बिना किसी डर के धड़ल्ले से शराब की बिक्री कर रहा है। हालात यह हैं कि सुबह से लेकर देर शाम तक यहां लोगों की आवाजाही बनी रहती है, जिससे पूरे गांव का वातावरण प्रभावित हो रहा है।
खासकर युवा वर्ग इस लत की चपेट में आता दिख रहा है, जिससे सामाजिक ताने-बाने पर भी असर पड़ रहा है।
सबसे बड़ा सवाल यह उठ रहा है कि आखिर इतनी खुली गतिविधियों के बावजूद पुलिस और आबकारी विभाग क्यों खामोश हैं? ग्रामीणों का आरोप है कि कई बार शिकायत करने के बाद भी जिम्मेदार विभागों ने कोई ठोस कदम नहीं उठाया, जिससे अवैध कारोबारियों के हौसले और बुलंद हो गए हैं।
गांव में बढ़ती नाराजगी अब आक्रोश का रूप लेती जा रही है। ग्रामीणों ने साफ चेतावनी दी है कि यदि जल्द ही इस अवैध कारोबार पर रोक नहीं लगी, तो वे सड़क पर उतरकर आंदोलन करने को मजबूर होंगे।
“यहां खुलेआम शराब बिक रही है, जिससे गांव का माहौल खराब हो गया है। कई बार शिकायत की, लेकिन कोई सुनवाई नहीं हुई। अब हम आंदोलन करेंगे।”
कन्हारपुरी में अवैध शराब का यह मामला सिर्फ एक गांव की समस्या नहीं, बल्कि प्रशासन की कार्यप्रणाली पर बड़ा सवाल है। अब देखने वाली बात यह होगी कि जिम्मेदार विभाग कब तक चुप्पी साधे रहते हैं या फिर इस ‘शराब के अड्डे’ पर सख्त कार्रवाई कर कानून का असर दिखाते हैं।

अमित कुमार मंडावी बालोद, छत्तीसगढ़ आधारित अनुभवी वरिष्ठ पत्रकार हैं, जिन्हें पत्रकारिता के क्षेत्र में 8 वर्षों से अधिक का अनुभव है। वे जमीनी स्तर की सटीक रिपोर्टिंग और निष्पक्ष पत्रकारिता के लिए पहचाने जाते हैं। वर्तमान में वे Chhattisgarhjunction.in के माध्यम से अपराध, प्रशासन, सामाजिक मुद्दों, ग्रामीण समस्याओं और जनहित से जुड़ी खबरों को प्रमुखता से सामने लाते हैं।

