विनोद नेताम
छत्तीसगढ़/पुरूर/बालोद/ विशेष रिपोर्ट_
पुरूर थाना क्षेत्र इन दिनों नशे के काले कारोबार की चपेट में है। इलाके में खुलेआम शराब और गांजा की बिक्री ने युवाओं को अपनी गिरफ्त में ले लिया है। हालात इतने गंभीर हो चुके हैं कि नशे की लत अब किसी वायरस की तरह फैलती जा रही है,जिससे कई परिवार टूट रहे हैं, तो कहीं सड़क हादसों में युवाओं की जान जा रही है।
स्थानीय लोगों का कहना हैकिपुरूर के कई ढाबों और सुनसान इलाकों में आसानी से शराब उपलब्ध हो जाती है। नियमों को ताक पर रखकर देर रात तक यह अवैध कारोबार बेखौफ चल रहा है। सबसे चिंताजनक बात यह है कि इसमें युवाओं की संख्या तेजी से बढ़ रही है, जो अपने भविष्य के साथ-साथ परिवार की खुशियों को भी दांव पर लगा रहे हैं।
परिवारों पर पड़ रहा भारी असर
नशे की इस बढ़ती प्रवृत्ति का सबसे ज्यादा असर घर की महिलाओं पर पड़ रहा है। कई घरों में रोजाना कलह, मारपीट और आर्थिक तंगी आम बात हो गई है। महिलाएं न केवल मानसिक तनाव झेल रही हैं, बल्कि कई मामलों में घरेलू हिंसा का भी सामना कर रही हैं।
सड़क हादसों में बढ़ोतरी
नशे की हालत में वाहन चलाने के कारण सड़क हादसों की घटनाएं भी बढ़ी हैं। बीते कुछ समय में कई ऐसे मामले सामने आए हैं, जहां नशे की वजह से लोगों ने अपनी जान गंवाई है या दूसरों की जिंदगी खतरे में डाली है।
प्रशासन की चुप्पी पर सवाल
स्थानीय नागरिकों का आरोप है कि पुलिस और प्रशासन को इस पूरे मामले की जानकारी होने के बावजूद ठोस कार्रवाई नहीं की जा रही है। सवाल उठता है कि आखिर कब इन अवैध कारोबारियों पर शिकंजा कसा जाएगा? कब युवाओं को इस दलदल से बाहर निकालने के लिए गंभीर कदम उठाए जाएंगे?
जनता की मांग
क्षेत्रवासियों ने प्रशासन से मांग की है कि अवैध शराब और गांजा बिक्री पर तत्काल रोक लगाई जाए, ढाबों और संदिग्ध ठिकानों पर सख्त कार्रवाई हो, और युवाओं को नशे से दूर रखने के लिए जागरूकता अभियान चलाया जाए।
अब देखना यह है कि प्रशासन कब तक इस गंभीर समस्या को नजरअंदाज करता है और कब ठोस कार्रवाई कर क्षेत्र को नशे के इस जाल से मुक्त कराता है।

अमित कुमार मंडावी बालोद, छत्तीसगढ़ आधारित अनुभवी वरिष्ठ पत्रकार हैं, जिन्हें पत्रकारिता के क्षेत्र में 8 वर्षों से अधिक का अनुभव है। वे जमीनी स्तर की सटीक रिपोर्टिंग और निष्पक्ष पत्रकारिता के लिए पहचाने जाते हैं। वर्तमान में वे Chhattisgarhjunction.in के माध्यम से अपराध, प्रशासन, सामाजिक मुद्दों, ग्रामीण समस्याओं और जनहित से जुड़ी खबरों को प्रमुखता से सामने लाते हैं।

