विनोद नेताम
छत्तीसगढ़/बालोद/ विशेष खबर_
जिले की शिक्षा व्यवस्था पर बड़ा सवाल खड़ा करते हुए इस साल 10वीं और 12वीं बोर्ड परीक्षा के परिणाम ने 13 साल पुराना रिकॉर्ड तोड़ दिया है,लेकिन यह उपलब्धि नहीं, बल्कि गिरते स्तर की एक चिंताजनक तस्वीर बनकर सामने आई है। नतीजों ने साफ कर दिया है कि जिले में शिक्षा की गुणवत्ता लगातार नीचे जा रही है, और इसका खामियाजा सीधे तौर पर छात्रों को भुगतना पड़ रहा है।
नतीजों में भारी गिरावट, बढ़ी फेल होने वालों की संख्या
इस वर्ष घोषित परीक्षा परिणामों में पास प्रतिशत में भारी गिरावट दर्ज की गई है। कई स्कूलों में आधे से ज्यादा छात्र फेल हो गए, जबकि कुछ विद्यालयों का परिणाम बेहद निराशाजनक रहा। यह स्थिति बताती है कि पढ़ाई-लिखाई सिर्फ कागजों तक सीमित रह गई है।
शिक्षा व्यवस्था पर उठे गंभीर सवाल
इतने बड़े स्तर पर परिणाम खराब होने के बाद अब सवाल उठ रहे हैं।
क्या स्कूलों में नियमित पढ़ाई हो रही है?
क्या शिक्षक अपनी जिम्मेदारी निभा रहे हैं?
क्या शिक्षा विभाग सिर्फ आंकड़ों का खेल खेल रहा है?
स्थानीय लोगों और अभिभावकों का कहना है कि स्कूलों में शिक्षकों की कमी, लापरवाही और निगरानी की कमी के कारण बच्चों का भविष्य अंधकार में जा रहा है।
जिम्मेदार कौन?
इस पूरे मामले में जिम्मेदारी तय करना अब सबसे बड़ा मुद्दा बन गया है। क्या इसके लिए शिक्षक जिम्मेदार हैं, शिक्षा विभाग की नीतियां या फिर प्रशासन की उदासीनता?
अगर समय रहते ठोस कदम नहीं उठाए गए, तो आने वाले वर्षों में हालात और भी बदतर हो सकते हैं।
छात्रों के भविष्य के साथ खिलवाड़
शिक्षा के गिरते स्तर ने यह साबित कर दिया है कि बच्चों के भविष्य के साथ सीधा खिलवाड़ हो रहा है। जहां एक ओर सरकार शिक्षा सुधार के बड़े-बड़े दावे करती है, वहीं जमीनी हकीकत पूरी तरह अलग नजर आ रही है।
अब क्या करेगा प्रशासन?
अब देखना यह होगा कि जिला प्रशासन और शिक्षा विभाग इस शर्मनाक स्थिति पर क्या कार्रवाई करता है। क्या दोषियों पर कार्रवाई होगी या फिर यह मामला भी बाकी मामलों की तरह ठंडे बस्ते में चला जाएगा?
13 साल बाद टूटा यह रिकॉर्ड किसी जश्न का नहीं, बल्कि चेतावनी का संकेत है। अगर अब भी सुधार की दिशा में ठोस कदम नहीं उठाए गए, तो आने वाली पीढ़ियों का भविष्य खतरे में पड़ सकता है।

अमित कुमार मंडावी बालोद, छत्तीसगढ़ आधारित अनुभवी वरिष्ठ पत्रकार हैं, जिन्हें पत्रकारिता के क्षेत्र में 8 वर्षों से अधिक का अनुभव है। वे जमीनी स्तर की सटीक रिपोर्टिंग और निष्पक्ष पत्रकारिता के लिए पहचाने जाते हैं। वर्तमान में वे Chhattisgarhjunction.in के माध्यम से अपराध, प्रशासन, सामाजिक मुद्दों, ग्रामीण समस्याओं और जनहित से जुड़ी खबरों को प्रमुखता से सामने लाते हैं।

