विनोद नेताम
छत्तीसगढ़/ बालोद/ विशेष रिपोर्ट_
घटती हुई जंगल और लगातार कम होती हुई वृक्षों की संख्या पर्यावरण संरक्षण के नाम पर दम भरने वाले टूच्चे सफेदपोश नेता लोगों के मूंह पर सीधा करारा तमाचा है। इस बीच भला हो देश के सरकार का जिन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जी के नेतृत्व में वृक्षों को मां सीधा जोड़ते हुए पर्यावरण संरक्षण की दिशा में एक नई पहचान देने का एक सफल प्रयास कर दिखाया है,वरना अपने बाप के नाम पर पूरा अक्खा जंगल उजाड़ने वाले लोगों की कोई कमी नहीं है। खैर कोई ऐरा गेरा नत्थू खैरा अपने बाप दादा के नाम पर जंगलो और हरे भरे वृक्षों को निस्ता नाबूत करने की हिमाकत करे तो यह अलग बात हो सकती है, लेकिन प्रधानमंत्री नरेंद्र जी के भारत देश के कोने कोने में स्थापित की एक वृक्ष मां के नाम अभियान के तहत गांव गांव में वृक्षारोपण का तूतरू बजाने वाले भाजपाई ही निकले तब क्या कहे, इस बीच बालोद जिला के गुरुर विकासखंड क्षेत्र अंतर्गत ग्राम मोहारा में बीते साल रोपी गई एक वृक्ष मां के नाम पर ढाई सौ पौधे आज जमीनी धरातल से गायब हो चुकी है और अब यह मामला चर्चा विषय बन चुकी है।
छत्तीसगढ़ जंक्शन ने सबसे पहले इस मामला का खुलासा किया था। इसका मुख्य कारण है शाला विकास समिति ग्राम पंचायत मोहारा की मौजूदा अध्यक्ष एवं सदस्यों की गैर जिम्मेदारना रवैया, जबकि हर शाला विकास समिति का मुख्य काम होता है शाला के भीतर में बच्चों के लायक बढ़िया शैक्षणिक वातावरण और माहौल तैयार करना तथा बच्चों की शिक्षा व्यवस्था से जुडी हुई कमियों को दूर करना है। ग्राम पंचायत मोहारा के ग्रामीणों की माने तो शाला परिसर के भीतर में मौजूद लगभग दो एकड़ की जमीन को शाला विकास प्रबंधन समिति ग्राम मोहारा के वर्तमान अध्यक्ष हरिकृष्ण गंजीर जो की गुरुर जनपद पंचायत के एक जिम्मेदार सभापति है और इसके साथ ही वे अपने जनपद क्षेत्र से एक लोकप्रिय और जागरूक जनपद सदस्य के रूप में पहचाने जाते है। यूं कहे तो क्षेत्र में राजनितिक दृष्टिकोण के बिहाप पर नेता जी का एकतरफा सिक्का चलता है। बावजूद इसके उनकी खुद की करतूत अपने ही गांव के शाला परिसर में लगी हुई वृक्षारोपण को लेकर आज क्या बनी हुई है,यह बताने की आवश्यकता नहीं है।

अमित कुमार मंडावी बालोद, छत्तीसगढ़ आधारित अनुभवी वरिष्ठ पत्रकार हैं, जिन्हें पत्रकारिता के क्षेत्र में 8 वर्षों से अधिक का अनुभव है। वे जमीनी स्तर की सटीक रिपोर्टिंग और निष्पक्ष पत्रकारिता के लिए पहचाने जाते हैं। वर्तमान में वे Chhattisgarhjunction.in के माध्यम से अपराध, प्रशासन, सामाजिक मुद्दों, ग्रामीण समस्याओं और जनहित से जुड़ी खबरों को प्रमुखता से सामने लाते हैं।

