विनोद नेताम

छत्तीसगढ़/बालोद/गुरुर/विशेष रिपोर्ट_
छत्तीसगढ़ की माटी केवल भौगोलिक पहचान नहीं, बल्कि “महतारी” का वह पवित्र आंगन है, जहाँ संवेदनाएं, संघर्ष और संस्कार एक साथ पल्लवित होते हैं।

इस आंगन की असली शक्ति यहाँ की महिलाएं हैं जो परिवार की धुरी भी हैं और समाज की आत्मा भी। ऐसे समय में जब महिलाओं के अधिकार, सुरक्षा और सम्मान जैसे मुद्दे निरंतर विमर्श के केंद्र में हैं, तब प्रदेश कांग्रेस कमेटी द्वारा संजारी-बालोद की लोकप्रिय विधायक संगीता सिन्हा को महिला अध्यक्ष जैसी महत्वपूर्ण जिम्मेदारी सौंपना केवल एक राजनीतिक नियुक्ति नहीं, बल्कि एक विश्वास का सशक्त प्रतीक है।
संगीता सिन्हा का राजनीतिक सफर किसी विरासत का परिणाम नहीं, बल्कि संघर्ष, समर्पण और जनसेवा की जमीन पर खड़ा हुआ एक मजबूत व्यक्तित्व है। उन्होंने अपने क्षेत्र में जिस तरह मातृत्व भाव से जनता की सेवा की है, उसी ने उन्हें “जनप्रिय विधायक” के रूप में स्थापित किया है। आमजन की समस्याओं को सुनना, उनके समाधान के लिए तत्पर रहना और विशेषकर महिलाओं के मुद्दों को प्राथमिकता देना यह उनकी कार्यशैली की पहचान बन चुकी है।
आज जब समाज में महिलाओं के खिलाफ अपराधों में वृद्धि चिंता का विषय है, तब यह जिम्मेदारी और भी बड़ी हो जाती है। कांग्रेस पार्टी ने जिस भरोसे के साथ यह दायित्व उन्हें सौंपा है, वह उनके अब तक के कार्यों और नारी सशक्तिकरण के प्रति उनकी प्रतिबद्धता का प्रमाण है। यह पद केवल सम्मान नहीं, बल्कि एक चुनौती भी है और यह अपेक्षा भी है कि वे प्रदेश की हर महिला की आवाज बनें।
संगीता सिन्हा ने अपने विधायक कार्यकाल में क्षेत्र में बुनियादी सुविधाओं के विस्तार, महिलाओं के स्वावलंबन के लिए योजनाओं को बढ़ावा देने और सामाजिक समरसता बनाए रखने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है। स्वयं सहायता समूहों को प्रोत्साहन, जरूरतमंद महिलाओं की सहायता और स्थानीय स्तर पर समस्याओं के त्वरित निराकरण जैसे कार्य उनके नेतृत्व की संवेदनशीलता को दर्शाते हैं।
उनकी नियुक्ति के बाद गुरुर नगर पंचायत सहित पूरे संजारी-बालोद क्षेत्र में जिस तरह उत्साह का माहौल देखने को मिला, वह इस बात का संकेत है कि जनता उनके नेतृत्व पर भरोसा करती है। समर्थकों द्वारा किया गया भव्य स्वागत केवल एक औपचारिकता नहीं, बल्कि उस विश्वास का उत्सव था, जो उन्होंने अपने कार्यों से अर्जित किया है।

आज प्रदेश की महिलाएं उनसे केवल उम्मीद ही नहीं, बल्कि एक मजबूत नेतृत्व की आस भी लगाए बैठी हैं। यह समय है जब संगीता सिन्हा अपने अनुभव, संघर्ष और संवेदनशीलता के बल पर छत्तीसगढ़ की नारी शक्ति को एक नई दिशा देंगे।
अंततः कहा जा सकता है कि यदि नेतृत्व में समर्पण और सोच में समाज का भला हो, तो कोई भी जिम्मेदारी बड़ी नहीं होती। संगीता सिन्हा के कंधों पर अब केवल एक पद का भार नहीं, बल्कि छत्तीसगढ़ महतारी के आंगन में बसने वाली हर महिला की उम्मीदें टिकी हुई हैं,और प्रदेश को उनसे बहुत कुछ पाने की आशा है।

By Amit Mandavi

अमित कुमार मंडावी बालोद, छत्तीसगढ़ आधारित अनुभवी वरिष्ठ पत्रकार हैं, जिन्हें पत्रकारिता के क्षेत्र में 8 वर्षों से अधिक का अनुभव है। वे जमीनी स्तर की सटीक रिपोर्टिंग और निष्पक्ष पत्रकारिता के लिए पहचाने जाते हैं। वर्तमान में वे Chhattisgarhjunction.in के माध्यम से अपराध, प्रशासन, सामाजिक मुद्दों, ग्रामीण समस्याओं और जनहित से जुड़ी खबरों को प्रमुखता से सामने लाते हैं।

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