कथा वाचक धिरेन्द्र शास्त्री छत्तीसगढ़ में बुरी तरह से घिरे,नहीं चला बड़बोले पन की ठठरी।

विनोद नेताम

छत्तीसगढ़:- धर्म और राजनीति यह दोनों अलग अगल चीजे है शायद इसलिए इसका मेल शहद और जहर के बराबर माना जाता रहा है, किंतु हैरत की बात यह भी एक है कि धर्म और राजनीति का मेल भारत की धरती पर बडे जोर शोर से होने लगा है।

हिंन्दू धर्म के स्वयंभू सनातनी कथा वाचक पंडित धिरेन्द्र शास्त्री अपने बड़बोले पन को लेकर हमेशा विवादों में घिरे हुए दिखाई देते रहते है,जबकि एक साधु और कथा वाचक को किसी भी स्तर के विवादों में घिरे हुये रहना किसी भी धर्म के लिये शोभा नहीं देता है

पंडित धिरेन्द्र शास्त्री से तालुक रखने वाले विवादों पर कई दफा सनातन संस्कृति के बड़े बड़े ज्ञानी और धर्म से जुडे हुए जानकारियों को बखूबी तरीके से जानने व समझने वाले मर्मज्ञ जानकारो की माने तो कथा वाचक पंडित धिरेन्द्र शास्त्री धर्म के आड़ में धर्म का सत्यानाश करने पर ऊतारू हो चला है और इसे हवा देने का काम भाजपा के साथ राष्ट्रीय स्वंय सेवक संघ से तालूक रखने वाले चंद सफेदपोश नेता कर रहे है।चूंकि भाजपा और राष्ट्रीय स्वंय संघ के भीतर मौजूद कुछ सफेदपोश लोग धर्म के आड़ में राजनितिक रोटियां सेकने का काम बखूबी तरिके से करते हुए आ रहे है।

ऐसे में पंडित धिरेन्द्र शास्त्री नामक कथा वाचक जो कि बड़बोले पन का हद से ज्यादा शिकार हो चुका है उन्हें धर्म के नाम पर विवाद करने हेतू खुले सांड की तरह धर्म की पवित्र धरा भारत देश की सरजंमी पर उतारा गया है। इस बीच छत्तीसगढ़ के भिलाई में एक बार फिर पंडित धीरेंद्र शास्त्री की हनुमंत कथा के बीच प्रदेश की राजनीति गरमा गई है।

पंडित धीरेंद्र शास्त्री के कथा के चौथे दिन छत्तीसगढ़ के दोनों मुख्यमंत्री अरुण साव और विजय शर्मा पंडित धिरेन्द्र शास्त्री की कथा मंच पर पहुंचे और कांग्रेस पार्टी के कद्दावर नेता और पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल पर तीखे बयान दिए।
पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने पंडित धिरेन्द्र शास्त्री पर दिया था ताबड़तोड़ बयान।
छत्तीसगढ़ में कई कथावाचक और संत ऐसे हैं जो पूरी ज़िंदगी भक्ति,भजन और ज्ञान बांटते रहे है, लेकिन आज भी मुश्किल से अपना आश्रम और घर चला पा रहे हैं। पवन दीवान जी जैसे बड़े कथावाचक-जो मंत्री, सांसद और विधायक भी रहे-उनके आश्रम की हालत देखी जा सकती है।
वहीं दूसरी ओर, कुछ नए बाबा सरकारी जहाज़ों में घूम रहे हैं, करोड़ों-अरबों की संपत्ति के मालिक बन चुके हैं और बड़े अस्पताल व मेडिकल कॉलेज खोल रहे हैं। सवाल यह है कि अगर झाड़-फूंक और ‘दिव्य दरबार’ से लोग ठीक हो रहे हैं, तो फिर अस्पताल और मेडिकल कॉलेज खोलने की ज़रूरत क्यों पड़ रही है?
छत्तीसगढ़ के दोनों उप मुख्यमंत्रियों ने पंडित धिरेन्द्र शास्त्री का बचाव करते हुए पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल को लपेटा
अरूण साव उप मुख्यमंत्री : भूपेश बघेल उसे पार्टी के नेता है जिन्होंने भगवान श्री राम को काल्पनिक कहा और काल्पनिक माना।अयोध्या में हमारे भांचा राम के मंदिर में रोड़ा अटकाया, आज जब धर्म आचार्य धार्मिक कथा करने हुए आए हैं और बकायदा हमारे भांचा का कथा सुनी जा रही है तब फिर से कांग्रेसी नेताओं का जो सनातन विरोधी चेहरा है वह बार-बार उभर कर सामने आ रहा है, उनके मन में सनातन के प्रति घृणा है वह स्पष्ट रूप से दिख रहा है। वंही उपमुख्यमंत्री विजय शर्मा ने अपने स्वजातीय बंधु पंडित धिरेन्द्र शास्त्री की उपलब्धियों का बखान करते हुए स्पष्ट किया कि जो लोग गलत बातें सोचते हैं उन्हें समझना चाहिए कि पंडित जी भगवान श्री राम जी की कथा कहने आये हुए है। प्रभू श्रीराम चंद्र जी छत्तीसगढ़ के भांचा है और इस नाते उनका कथा कहने वाला कथा वाचक हमारा मेहमान है।हमे पंडित धिरेन्द्र शास्त्री को पलकों पर बिठाकर रखना चाहिए।

By Amit Mandavi

अमित कुमार मंडावी बालोद, छत्तीसगढ़ आधारित अनुभवी वरिष्ठ पत्रकार हैं, जिन्हें पत्रकारिता के क्षेत्र में 8 वर्षों से अधिक का अनुभव है। वे जमीनी स्तर की सटीक रिपोर्टिंग और निष्पक्ष पत्रकारिता के लिए पहचाने जाते हैं। वर्तमान में वे Chhattisgarhjunction.in के माध्यम से अपराध, प्रशासन, सामाजिक मुद्दों, ग्रामीण समस्याओं और जनहित से जुड़ी खबरों को प्रमुखता से सामने लाते हैं।

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