संजारी बालोद के पूर्व विधायक भैय्या राम सिन्हा के दखल के बाद शुरू हुआ खुन्दनी धान खरीदी केंन्द्र में धान खरीदी का कार्य।

विनोद नेताम – विशेष रिपोर्ट_
छत्तीसगढ़/बालोद/गुरुर_
तय समय से पूर्व धान खरीदी के कार्य को बंद करवाना साय सरकार के लिये बन सकती है गले का फांस।
छत्तीसगढ़ के बालोद जिले अंतर्गत राजनितिक रणक्षेत्र की पुण्य धरा माने जाने वाले गुरूर विकासखंड क्षेत्र के खुंदनी धान खरीदी केंद्र में कांग्रेस पार्टी के पूर्व विधायक भैय्या राम सिन्हा के दखल के बाद शुरू हुआ धान खरीदी का कार्य।

इससे पहले खुंदनी धान खरीदी केंन्द्र में इस साल धान नही बेंच पाने वाले किसान मायूस नजर आ रहे थे। ग्राम परसुली के किसान बिरसिंग साहू सहित दस अन्य और किसानों का

आज के तारीख में बकायदा 419.60 क्विंटल का टोकन कांटा गया था।

बावजूद इसके प्रभावित किसानों के द्वारा उपजाये हुए धान को खरीदी केंन्द्र में लाने से मना कर दिया गया था।धान खरीदी केंद्र से इस खबर को सुनने के बाद किसान हताश नजर आ रहे थे।

प्रभावित किसानों की भंयकर समस्या को सुनने के बाद कांग्रेस पार्टी के पूर्व विधायक भैयाराम सिन्हा ब्लॉक कांग्रेस कमेटी अध्यक्ष डॉक्टर किशोर साहू, शादीक अली महामंत्री कांग्रेस, शैलेश (मोनू)ठाकुर ब्लॉक युवा कांग्रेस अध्यक्ष,हिमांशु लावत्रे कांग्रेसीकार्यकर्ता
सहित आसपास के किसान मौजूद थे।
7  करोड़ के धान को बत्तीस दांत वाले मूसवाओं के जरिये कुतरवाने के बाद आज से छत्तीसगढ़ राज्य के भीतर में अघोषित रूप से धान खरीदी के कार्य जो कि विगत कुछ से चल रहा था उसे अधिकारीयों के जरिये बंद करवा दिया गया है, जबकि धान के कटोरा के रूप में विख्यात छत्तीसगढ़ महतारी के भीतर मौजूद कई माटीपुत्र अन्नदाताओं ने अपने खून और पसीना से कमाये हुए धान का एक दाना तक बेंच पाने में सफल साबित नही हुये है। ऐसे में जाहिर सी बात है कि इस बरस धान बेंचने में सफल नही होने वाले किसानों का अरमान और सपने चकनाचूर होना तय है। इस बीच चिंतन करने वाली बात यह है कि छः महिनें के अथक मेहनत और परिश्रम के बाद भी क्या धान नहीं बेंच पाने वाले किसान खुशहाल बने रह पायेंगे और जब सूबे के किसान चिंंतित रहेगें तब क्या सूबे के मुखिया को आये दिन आंय बांय तरीके से सांय सांय करते हुये रहना चाहिए? इसमें कोई तनिक भी संदेह नहीं होना चाहिए कि छत्तीसगढ़ राज्य की पहचान धान और किसान है। किंतु छत्तीसगढ़ राज्य के सत्ता पर काबिज भारतीय जनता पार्टी की सरकार से सूबे के भीतर में मौजूद किसान जिनका धान इस बरस मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय की सरकार खरीद नही पाई है यदि वे नाखुश होते है,तो आगे चलकर इससे पार्टी और सरकार को तगड़ा नुकसान उठाना पड़ सकता है।

By Amit Mandavi

अमित कुमार मंडावी बालोद, छत्तीसगढ़ आधारित अनुभवी वरिष्ठ पत्रकार हैं, जिन्हें पत्रकारिता के क्षेत्र में 8 वर्षों से अधिक का अनुभव है। वे जमीनी स्तर की सटीक रिपोर्टिंग और निष्पक्ष पत्रकारिता के लिए पहचाने जाते हैं। वर्तमान में वे Chhattisgarhjunction.in के माध्यम से अपराध, प्रशासन, सामाजिक मुद्दों, ग्रामीण समस्याओं और जनहित से जुड़ी खबरों को प्रमुखता से सामने लाते हैं।

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