सनौद धान खरीदी केंद्र में एक बार फिर किसानों का बवाल,विधायक संगीता सिंन्हा की धरने के बाद शुरू हुआ धान खरीदी का कार्य।

विनोद नेताम
छत्तीसगढ़/बालोद/गुरुर/विशेष रिपोर्ट _
छत्तीसगढ़ सरकार सूबे के भीतर में विगत कई महीनों से मेहनतकश अन्नदाता माटी पुत्र किसानों के द्वारा उनके अथक मेहनत और परिश्रम से उपजाये हुये धान को खरीदने का कार्य बखूबी तरीके से करते हुए आ रही है।

इस बीच छत्तीसगढ़ सरकार के द्वारा महिनों से जारी धान खरीदी के कार्य को लेकर अंतिम समय सीमा भी निर्धारित करने की खबर जग जाहिर है,हालांकि सुशासन रूपी सुदर्शन चक्रधारी विष्णु देव साय सरकार के द्वारा निर्धारित तय समय से पहले कई जगहों पर जारी धान खरीदी के कार्य को तत्काल प्रभाव से रूकवाने की खबर भी प्राप्त हुई है और इस कड़ी में बालोद जिले के संजारी बालोद विधानसभा क्षेत्र का नाम भी शुमार है।
बालोद जिला के संजारी बालोद विधानसभा क्षेत्र के भीतर मौजूद रहने वाले अन्नदाता माटीपुत्र किसानों के हक और अधिकार के लिये एक फिर संजारी बालोद विधानसभा क्षेत्र की लोकप्रिय विधायक संगीता सिन्हा अपनी अवाज को बुलंद करते हुये दिखाई दी है।
संजारी बालोद विधायक संगीता सिन्हा
फलस्वरूप छत्तीसगढ़ के बालोद जिला अंतर्गत गुरूर विकासखंड क्षेत्र के भीतर में मौजूद सनौद धान खरीदी केंन्द्र में काफी ना नुकूर और कांग्रेस पार्टी के विधायक के साथ पहुचें हूये काग्रेसी कार्यकर्ताओ के पूरजोर विरोध और धरने से उपजी गहमा गहमी के बाद धान खरीदी केन्द्र के भीतर में आखिरकार पूरे विधी विधान के साथ, खरीदना शुरू हुआ 29 अन्नदाता माटीपुत्र किसानों के द्वारा उनके खून और पसीना से उपजाये हुए बेशकीमती धान।
किंन्तु इस दौरान हैरानी की एक बात यह भी देखने को मिली है कि विधायक संगीता सिन्हा और कांग्रेस पार्टी के कार्यकर्ताओ के साथ खड़े अन्नदाता माटीपुत्र किसानों के सवालों में घिरे हुए नजर आये जिला प्रसासन बालोद की ओर से अन्नदाता माटीपुत्र किसानों के लिये जारी किया गया तूर्रा फरमान। चूंकि भारतीय जनता पार्टी की छत्तीसगढ़ राज्य की पावन धरती पर काबिज सुशासन रूपी सुदर्शन चक्रधारी विष्णुदेव सरकार का यह दावा और गांरटी बना हुआ बताया जाता है कि उनकी सरकार सूबे के भीतर में मौजूद मेहनतकश अन्नदाताओं के साथ कंधे से कंधा मिला कर खडा है और प्रदेश के मेहनती अन्नदाताओं के अथक परिश्रम से उपजाये हुए धान के एक एक दाना को खरीदने के लिए प्रतिबद्ध है। ऐसे जरा सोचियें आखिरकार छत्तीसगढ़ सरकार को क्यों जारी करना पड़ रहा है सूबे के भीतर मौजूद किसानों की हक और अधिकार के खिलाफ में ऐसे तूर्रा फरमान।
हालांकि संजारी बालोद विधानसभा क्षेत्र के विधायक संगीता सिन्हा की बुलंद अवाज के सामने फिकी पड़ी सनौद धान खरीदी केंन्द्र के भीतर में जारी प्रशासनिक तूर्रा फरमान।
कुछ इसी तरह से नजारा बिते कल भी गुरूर विकासखंड क्षेत्र के खुंदनी धान खरीदी केन्द्र सहित कई और धान खरीदी के भीतर में भी पसरा हुआ पाया गया था और इस नजारा खुलेआम अंचल के भीतर मौजूद रहने वाले अन्नदाताओ ने अपने खुले आंखों से देखा है। ऐसे में अंचल के भीतर मौजूद रहने वाले अन्नदाता माटीपुत्र किसानों का भारतीय जनता पार्टी की डबल इंजन सरकार से सीधा सवाल, अन्नदाता किसानो की मेहनत और पसीने की कमाई से ऊपजाई गई धान के एक एक दाना को खरीदने की गांरटी दिया गया था। ऐसे में सरकार बताए आखिरकार अन्नदाता किसानों का धान क्यों नही खरीदी किया जा रहा है?

अंचल के सुप्रसिद्ध और प्रतिभाशाली अन्नदाता माटीपुत्र किसान संजय प्रकाश चौधरी ने भी उठाया ताबड़तोड़ सवाल?

पूछा क्या बत्तीस दांत वाले मूसवा को फोकला सहित धान को कुतरवाने हेतू नौंटकी कर रही है भाजपा की सुशासन रूपी सुदर्शन चक्रधारी विष्णु देव साय की सरकार,अवगत हो कि छत्तीसगढ़ प्रदेश के बालोद जिला में स्थित गुरूर विकासखंड की उपजाऊ जमीन को असल मायने में धान के कटोरा का पेंदा कहा जाता है।

ऐसे में यहां के किसान अपने खून और पसीने के दम पर धान के रूप में सोना उगाते हुए चले आ रहे है।

सावन के बाद से अबतक अंचल के भीतर मौजूद माटीपुत्र किसान बस उम्मीद लगाये हुये बैठे है कि उनके बच्चों का भी सपना है।ऐसे में कई किसानों का सपना चकनाचूर होना यह सही नही है।

By Amit Mandavi

अमित कुमार मंडावी बालोद, छत्तीसगढ़ आधारित अनुभवी वरिष्ठ पत्रकार हैं, जिन्हें पत्रकारिता के क्षेत्र में 8 वर्षों से अधिक का अनुभव है। वे जमीनी स्तर की सटीक रिपोर्टिंग और निष्पक्ष पत्रकारिता के लिए पहचाने जाते हैं। वर्तमान में वे Chhattisgarhjunction.in के माध्यम से अपराध, प्रशासन, सामाजिक मुद्दों, ग्रामीण समस्याओं और जनहित से जुड़ी खबरों को प्रमुखता से सामने लाते हैं।

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