धान खरीदी को लेकर बालोद में किसानों का हर जगह बवाल, कोई भूखा धरने पर बैठा तो कोई जहर और किटनाशक लेकर।

विनोद नेताम/विशेष रिपोर्ट_
छत्तीसगढ़/बालोद/गुरुर_
हैरत की बात है “एक तरफ जंहा अरमरीकला धान खरीदी केंन्द्र में किटनाशक पीने के लिये ऊतारू हुआ अन्नदाता माटीपुत्र किसान।
“वंही दूसरी तरफ इसी धान खरीदी केंद्र मेंं दो दीन से भूखा धरने पर बैठा एक और अन्नदाता माटीपूत्र किसान।

बावजूद इसके रकबा समर्पण को आड़ बनाकर सूबे के अन्नदाता माटीपूत्र किसानों को खून के आंसू रूलाने वाली भारतीय जनता पार्टी की डबल इंजन सरकार की सवेंदनाशील सरकार अपनी संवेदनशीलता को आखिरकार कहा छुपा कर बैठी हुई है यह एक बड़ा सवाल है”

बालोद जिले के गुरूर विकासखंड में स्थित अरमरीकला धान खरीदी केंन्द्र में भंयकर बवाल। ग्राम अरमरीकला के किसान मन्नूराम साहू किटनानश लेकर धान खरीदी केँन्द्र में पहुंचे तों, वंही एक और आदिवासी किसान मुनूराम मंडावी धान नहीं खरीदने से नाराज होकर दो दिन से धान खरीदी केंन्द्र अरमरीकला के भीतर भूखा धरने पर बैठे। किसानों की समस्या और वेदना के समक्ष लाचार हुई सिस्टम। निश्चित रूप से छत्तीसगढ़ प्रदेश के भीतर में जारी धान खरीदी कार्य समाप्त हो चुका है, लेकिन चिंता इस बात की भी है कि इस बरस छत्तीसगढ़ राज्य की पावन धरती को अपने खून और पसीने से उपजाऊ बनाने वाले लाखो अन्नदाता किसानों ने छः महीने तक रातदीन एक करके उपजाये हुये धान को अब तक बेंच नही पायें है। सूबे के भीतर मौजूद रहने वाले अन्नदाता किसानों का धान नहीं पाना यह एक गंभीर समस्या है और इस समस्या से अन्नदाता किसानों को उबरना सरकार का महत्वपूर्ण काम के साथ जिम्मेदारी भी है। बावजूद इसके सवाल अब भी यह बना हुआ स्पष्ट तौर पर दिखाई दे रहा है,कि आखिरकार जिस तरह से धान खरीदी के कार्य को लेकर भारतीय जनता पार्टी की डबल इंजन सरकार जमीन स्तर पर जो दावा करते हुए दिखाई दे रही थी,वह अब जमीन धरातल से अलग और जुदा क्यों नजर आ रही है,जबकि विधानसभा चुनाव के ठीक पहले छत्तीसगढ़ राज्य की सरजंमी पर काबिज किसान हितैषी सरकार के रूप में पहचाने जाने वाले कांग्रेस पार्टी की भूपेश बघेल सरकार को पछाड़ने के लिये भारतीय जनता पार्टी ने 3100 रूपये में किसानों के द्वारा अथक परिश्रम से उपजाए हुये धान को खरीदने के साथ – साथ छत्तीसगढ़ के अन्नदाता माटीपुत्र किसानों के अथक मेहनत और परिश्रम से उपजाये हुये एक एक दाना को खरीदने का वादा भी किया था। ऐसे में इस बरस छत्तीसगढ़ के लाखों किसानों का चिख और पुकार छत्तीसगढ़ राज्य की सत्ता पर काबिज मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय सरकार के लिये किसी खतरे की घंटी से कम नही है।

किसान मुनूराम मंडावी धान खरीदी केंद्र अरमरीकला

हालांकि छत्तीसगढ़ प्रदेश में रहने वाले अन्नदाता किसानों की चिख और पुकार को सुन व देखकर भारतीय जनता पार्टी के भीतर में भी काफी गहमा गहमी की स्थिति साफ तौर पर देखी जा सकती है।

बावजूद इसके किसानों की चिख और पुकार पर सरकार की चुप्पी कई गंभीर सवाल को जन्म देती है।खैर धान खरीदी के कार्य से उपजी किसानों में गहमागहमी की स्तिथि को देखने के बाद छत्तीसगढ़ राज्य की सियासी गलियारों में मौजूद खामोश विपक्षी राजनितिक दलों की खामोशी अब टूट चुकी है और किसानों की चिख और पुकार को लेकर कांग्रेस पार्टी सहित अमित बघेल के जोहार छत्तीसगढ़ पार्टी मैदान पर आ गई है।

एक तरफ जंहा कांग्रेस पार्टी बालोद जिला सहित छत्तीसगढ़ के सभी जिलों में किसानों की चिख और पुकार पर सड़क में हल्लाबोल प्रदर्शन करते हुए दिखाई दे रही है तों वंही दूसरी अमित बघेल के बगैर भी जोहार छत्तीसगढ़ पार्टी किसानों के साथ खडे हुए दिखाई दे रही है।
अब ऐसे में यह देखना दिलचस्प हो चला है कि छत्तीसगढ़ राज्य की सत्ता पर काबिज भारतीय जनता पार्टी की डबल इंजन सरकार का अगला कदम क्या होगा?

By Amit Mandavi

अमित कुमार मंडावी बालोद, छत्तीसगढ़ आधारित अनुभवी वरिष्ठ पत्रकार हैं, जिन्हें पत्रकारिता के क्षेत्र में 8 वर्षों से अधिक का अनुभव है। वे जमीनी स्तर की सटीक रिपोर्टिंग और निष्पक्ष पत्रकारिता के लिए पहचाने जाते हैं। वर्तमान में वे Chhattisgarhjunction.in के माध्यम से अपराध, प्रशासन, सामाजिक मुद्दों, ग्रामीण समस्याओं और जनहित से जुड़ी खबरों को प्रमुखता से सामने लाते हैं।

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