ग्रामीण इलाकों में बेशकीमती पेड़ों पर कुल्हाड़ी, अवैध कटाई से हरियाली पर संकट।

विनोद नेताम (वरिष्ठ पत्रकार)छत्तीसगढ़

छत्तीसगढ़/बालोद/गुरुर/विशेष रिपोर्ट _

गुरुर के ग्रामीण इलाकों में कीमती वृक्षों की अवैध कटाई जारी, राजस्व व वन विभाग मौन।
छत्तीसगढ़ के गुरुर क्षेत्र में कीमती वृक्षों की अवैध कटाई का सिलसिला लगातार जारी है। हैरानी की बात यह है कि इस पूरे मामले में राजस्व और वन विभाग की ओर से अब तक कोई ठोस कार्रवाई सामने नहीं आई है।
कुछ तस्कर दिन दहाड़े कुल्हाड़ी (आधुनिक मशीन) से वार कर
बेशकीमती लकड़ी को ट्रैक्टर ट्राली एवं माजदा में भर कर ले जाते हुए देखे जा सकते है।
लकड़ी तस्कर भोले भाले किसानों को अपने झांसे में लेकर कम कीमत पर लकड़ी को खरीद कर बड़े बड़े आरामीलो में अधिक कीमत पर खपाते है। आसपास के पूरे चिरान मिलो में ताजा व कच्चा गोला चिरान में पड़ा हुआ मिल सकता है।
लकड़ी तस्करों की सक्रियता से गांवों के आसपास के पेड़ तेजी से हो रहे साफ
जिम्मेदार विभागों की चुप्पी पर उठने लगे सवाल
पर्यावरण संतुलन बिगड़ने का खतरा, ग्रामीणों में बढ़ी चिंता
कीमती फलदार और छायादार व अन्य पेड़ों की अवैध कटाई से सरकारी राजस्व को भी नुकसान

भोदू खटेल की वार से धराशाई आम का झाड़

गुरुर राजस्व एवं वन विभाग परिक्षेत्र के अंतर्गत आने वाले ग्रामीण इलाकों में कीमती वृक्षों की अवैध कटाई लगातार बढ़ती जा रही है। स्थानीय लोगों के अनुसार रात के अंधेरे में लकड़ी तस्कर सक्रिय होकर बड़े पैमाने पर पेड़ों को काट रहे हैं और उन्हें बाहर भेजा जा रहा है।
बताया जा रहा है कि फलदार वृक्ष आम,अर्जुन (कहवा)और अन्य बहुमूल्य प्रजाति के पेड़ों को निशाना बनाया जा रहा है। इससे न केवल पर्यावरण को भारी नुकसान हो रहा है, बल्कि शासन को भी लाखों रुपये के राजस्व की हानि हो रही है।
ग्रामीणों का कहना है कि कई बार इस संबंध में राजस्व और वन विभाग के अधिकारियों को सूचना दी गई, लेकिन अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई है। इससे लकड़ी तस्करों के हौसले बुलंद होते जा रहे हैं।

क्षेत्र में लगातार हो रही अवैध कटाई से पर्यावरण प्रेमियों और स्थानीय नागरिकों में भी आक्रोश बढ़ रहा है। लोगों का कहना है कि यदि जल्द ही सख्त कार्रवाई नहीं की गई, तो क्षेत्र के ग्रामीण इलाकों के साथ साथ जंगलों को भारी नुकसान हो सकता है।
अब देखना यह होगा कि गुरुर क्षेत्र में हो रही इस अवैध कटाई पर राजस्व और वन विभाग कब तक कार्रवाई करता है या फिर यह सिलसिला इसी तरह जारी रहेगा।

By Amit Mandavi

अमित कुमार मंडावी बालोद, छत्तीसगढ़ आधारित अनुभवी वरिष्ठ पत्रकार हैं, जिन्हें पत्रकारिता के क्षेत्र में 8 वर्षों से अधिक का अनुभव है। वे जमीनी स्तर की सटीक रिपोर्टिंग और निष्पक्ष पत्रकारिता के लिए पहचाने जाते हैं। वर्तमान में वे Chhattisgarhjunction.in के माध्यम से अपराध, प्रशासन, सामाजिक मुद्दों, ग्रामीण समस्याओं और जनहित से जुड़ी खबरों को प्रमुखता से सामने लाते हैं।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

You Missed