विनोद नेताम वरिष्ठ पत्रकार
छत्तीसगढ़/महासमुंद/विशेष रिपोर्ट_
छत्तीसगढ़ के महासमुंद जिले में स्थित प्रसिद्ध खल्लारी माता मंदिर में चैत्र नवरात्रि के पावन अवसर पर जो हुआ, उसने पूरे प्रदेश को झकझोर कर रख दिया।
भक्ति और श्रद्धा के बीच अचानक चीख-पुकार मच गई,और देखते ही देखते एक युवती की जान चली गई, जबकि 16 श्रद्धालु घायल हो गए। इनमें से 4 की हालत गंभीर बताई जा रही है।
हादसा कैसे बना मौत का खेल?
चैत्र नवरात्रि के चौथे दिन, हजारों श्रद्धालु दर्शन के लिए पहुंचे थे। दर्शन के बाद जब कुछ लोग रोपवे की ट्रॉली से नीचे उतर रहे थे, तभी अचानक केबल टूट गया।
ट्रॉली सीधे पहाड़ी से टकराई और उसमें बैठे लोग करीब 20 फीट नीचे जा गिरे।
इतना ही नहीं,ऊपर जा रही दूसरी ट्रॉली भी संतुलन खो बैठी और गिर पड़ी।
दो-दो ट्रॉली का एक साथ गिरना,क्या ये महज संयोग है या सिस्टम की सड़ी हुई सच्चाई?
बड़ा सवाल: हादसा या प्रशासनिक लापरवाही?
कलेक्टर ने जांच के आदेश दे दिए हैं,लेकिन सवाल ये है कि
क्या जांच सिर्फ “औपचारिकता” बनकर रह जाएगी?
क्या जिम्मेदारों पर कार्रवाई होगी या फिर फाइलों में दफन हो जाएगी सच्चाई?
प्रत्यक्षदर्शियों और स्थानीय लोगों का साफ कहना है।
“नवरात्रि जैसे बड़े आयोजन से पहले रोपवे की जांच सही तरीके से नहीं हुई थी।”
“पहले पूजा, फिर हादसा”सिस्टम की पुरानी बीमारी
हर साल नवरात्रि से पहले सुरक्षा जांच, तकनीकी परीक्षण और व्यवस्थाओं का दावा किया जाता है।
लेकिन इस बार वही दावा जमीनी हकीकत में ढह गया।
क्या रोपवे फिटनेस सर्टिफिकेट फर्जी था? क्या मेंटेनेंस में भ्रष्टाचार हुआ?
क्या ठेकेदार और प्रशासन की मिलीभगत ने जान ले ली? राजनीतिक गलियारों में मचा हड़कंप।
इस हादसे ने अब सियासी रंग भी पकड़ लिया है।
विपक्ष ने सीधे-सीधे सरकार पर हमला बोलते हुए कहा:
“सरकार को श्रद्धालुओं की जान की नहीं, सिर्फ दिखावे की चिंता है।”
वहीं सत्ता पक्ष अब “जांच” के सहारे खुद को बचाने में जुट गया है।
आखिर कब रुकेगा “मौत का इंतज़ाम”?
जांच के आदेश मुआवजे की घोषणा और फिर,सब कुछ शांत
लेकिन सवाल वही खड़ा है।
क्या एक और जान जाने के बाद ही सिस्टम जागेगा?
या फिर आस्था के नाम पर यूं ही मौत का खेल चलता रहेगा?
खल्लारी में टूटा सिर्फ केबल नहीं,टूटा है सिस्टम का झूठा भरोसा।

अमित कुमार मंडावी बालोद, छत्तीसगढ़ आधारित अनुभवी वरिष्ठ पत्रकार हैं, जिन्हें पत्रकारिता के क्षेत्र में 8 वर्षों से अधिक का अनुभव है। वे जमीनी स्तर की सटीक रिपोर्टिंग और निष्पक्ष पत्रकारिता के लिए पहचाने जाते हैं। वर्तमान में वे Chhattisgarhjunction.in के माध्यम से अपराध, प्रशासन, सामाजिक मुद्दों, ग्रामीण समस्याओं और जनहित से जुड़ी खबरों को प्रमुखता से सामने लाते हैं।

