विनोद नेताम वरिष्ठ पत्रकार
छत्तीसगढ़/बालोद/ गुरुर/ विशेष रिपोर्ट_
जिले में मनरेगा कार्यों की जल्दबाजी अब किसानों पर भारी पड़ती नजर आ रही है। रबी फसल के संवेदनशील दौर में प्रशासनिक दबाव में कराए जा रहे कार्यों ने एक किसान की मेहनत पर पानी फेर दिया। मामला गुरूर विकासखंड के ग्राम पंचायत अरमरीकला का है, जहां तालाब पिचिंग के नाम पर आधी रात को छोड़े गए पानी ने किसान भागवत साहू की करीब 2 एकड़ लहलहाती गेहूं की फसल को पूरी तरह तबाह कर दिया।
बताया जा रहा है कि ग्राम पंचायत द्वारा तालाब में पिचिंग कार्य के लिए पानी छोड़ा गया, लेकिन इसके बहाव का कोई इंतजाम नहीं किया गया। नतीजा,पानी सीधे खेतों में घुस गया और देखते ही देखते फसल जलमग्न हो गई। किसान की महीनों की मेहनत कुछ ही घंटों में बर्बाद हो गई।
“मेहनत को डुबो दिया”,किसान का दर्द छलका
पीड़ित किसान के बेटे डेविड साहू ने पंचायत पर गंभीर आरोप लगाते हुए कहा,
“हमारे खून-पसीने की कमाई को आधी रात पंचायत के जिम्मेदारों ने ही डुबो दिया। बिना सूचना, बिना व्यवस्था के पानी छोड़ा गया, जिसका खामियाजा हमें भुगतना पड़ा।”
गलती मानी, जिम्मेदारी से पल्ला झाड़ा
हैरानी की बात यह है कि पंचायत प्रतिनिधियों ने अपनी गलती स्वीकार तो कर ली, लेकिन मुआवजे की बात आते ही जिम्मेदारी जिला प्रशासन पर डाल दी। इससे किसान और उसके परिवार में गहरा आक्रोश है।
सरपंच बेड रेस्ट पर, जिम्मेदारी में बड़ी चूक
ग्राम पंचायत अरमरीकला के सरपंच इन दिनों ऑपरेशन के बाद बेड रेस्ट पर हैं। उनकी गैरमौजूदगी में उपसरपंच और पंचों के भरोसे पंचायत का काम चल रहा है। लेकिन इसी दौरान हुई यह बड़ी लापरवाही अब पूरे पंचायत तंत्र पर सवाल खड़े कर रही है।
प्रशासन तक पहुंचा मामला, जांच का आश्वासन
मामले की जानकारी गुरूर तहसीलदार हनुमत श्याम तक पहुंच चुकी है। तहसीलदार ने जांच के बाद कड़ी कार्रवाई और किसान को न्याय दिलाने का भरोसा दिया है।
अब बड़ा सवाल
क्या पंचायत अपनी गलती की कीमत चुकाएगी?
क्या किसान को उसकी बर्बाद फसल का मुआवजा मिलेगा?
या फिर यह मामला भी कागजों में दबकर रह जाएगा?
फिलहाल अरमरीकला का किसान अपने उजड़े खेत को देख न्याय की उम्मीद में बैठा है।और प्रशासन की अगली चाल पर सबकी नजरें टिकी हैं।

अमित कुमार मंडावी बालोद, छत्तीसगढ़ आधारित अनुभवी वरिष्ठ पत्रकार हैं, जिन्हें पत्रकारिता के क्षेत्र में 8 वर्षों से अधिक का अनुभव है। वे जमीनी स्तर की सटीक रिपोर्टिंग और निष्पक्ष पत्रकारिता के लिए पहचाने जाते हैं। वर्तमान में वे Chhattisgarhjunction.in के माध्यम से अपराध, प्रशासन, सामाजिक मुद्दों, ग्रामीण समस्याओं और जनहित से जुड़ी खबरों को प्रमुखता से सामने लाते हैं।

