दूध गंगा” में गंदगी का गंदा खेल! कलेक्टर के छापे से खुली पोल, डेयरी सील।

विनोद नेताम

छत्तीसगढ़|बालोद|विशेष रिपोर्ट _

बालोद,जिले के चर्चित डेयरी केंद्र “दूध गंगा” में फैली गंदगी ने आखिरकार प्रशासन को एक्शन लेने पर मजबूर कर दिया। शुक्रवार सुबह बालोद कलेक्टर दिव्या मिश्रा ने औचक निरीक्षण कर जब हालात देखे, तो मौके पर ही सख्त रुख अपनाते हुए डेयरी को सील कर दिया।
निरीक्षण के दौरान डेयरी परिसर के अंदर और बाहर गंदगी का अंबार, खुले नाले, बदहाल स्वच्छता व्यवस्था और लापरवाही का खुला खेल सामने आया। यह वही जगह है जहां से आम जनता के लिए रोज दूध की सप्लाई होती है,लेकिन हालात ऐसे कि मानो स्वास्थ्य से सीधा खिलवाड़ किया जा रहा हो।
कलेक्टर का फटकार: “जनता की सेहत से खिलवाड़ बर्दाश्त नहीं”
कलेक्टर ने मौके पर मौजूद कर्मचारियों को जमकर फटकार लगाई और साफ कहा कि
स्वच्छता से समझौता करने वालों पर सख्त कार्रवाई होगी।
तत्काल प्रभाव से, डेयरी संचालन पर रोक लगाई गई
जिम्मेदारों पर कार्रवाई की प्रक्रिया शुरू
जिम्मेदार विभाग कटघरे में
इस पूरे मामले ने जिले के कई विभागों की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।

खाद्य विभाग कहां था?
स्वास्थ्य अमला क्या कर रहा था?
स्वच्छता अधिकारी अब तक क्यों चुप थे?
क्या यह सिर्फ लापरवाही है या फिर सिस्टम में कहीं गहरी गड़बड़ी?
बड़ा सवाल: कलेक्टर ही क्यों देखें गंदगी?
सबसे बड़ा सवाल यही उठता है कि,क्या जिले में गंदगी देखने की जिम्मेदारी सिर्फ कलेक्टर की है? बांकी अधिकारी तो वैसे भी घांस भी नहीं छिल सकते है। ऐसे माना जा सकता है कि
बाकी अधिकारी सिर्फ कागजी खानापूर्ति में लगे हैं?
अगर हालात इतने खराब थे, तो पहले कार्रवाई क्यों नहीं हुई?
सियासत गरमाने के आसार

इस कार्रवाई के बाद राजनीतिक गलियारों में भी हलचल तेज हो गई है।
विपक्ष इसे प्रशासन की नाकामी बता रहा है, जबकि सत्ता पक्ष अब बचाव में जुट सकता है।
कलेक्टर के एक्शन ने एक बड़ी लापरवाही को उजागर कर दिया है,लेकिन अब निगाहें इस बात पर टिकी हैं कि,क्या सिर्फ डेयरी सील करने तक मामला सीमित रहेगा?
या जिम्मेदार अधिकारियों पर भी गिरेगी गाज?

By Amit Mandavi

अमित कुमार मंडावी बालोद, छत्तीसगढ़ आधारित अनुभवी वरिष्ठ पत्रकार हैं, जिन्हें पत्रकारिता के क्षेत्र में 8 वर्षों से अधिक का अनुभव है। वे जमीनी स्तर की सटीक रिपोर्टिंग और निष्पक्ष पत्रकारिता के लिए पहचाने जाते हैं। वर्तमान में वे Chhattisgarhjunction.in के माध्यम से अपराध, प्रशासन, सामाजिक मुद्दों, ग्रामीण समस्याओं और जनहित से जुड़ी खबरों को प्रमुखता से सामने लाते हैं।

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