विनोद नेताम
छत्तीसगढ़/बालोद/ गुरुर/ विशेष रिपोर्ट_
शहर के चर्चित सदर लाइन क्षेत्र की व्यावसायिक जमीनों को लेकर नया विवाद खड़ा हो गया है। जनसेवक एवं छाया विधायक चंद्रभान साहू ने कलेक्टर को आवेदन सौंपकर सदर लाइन में संचालित सभी व्यावसायिक प्रतिष्ठानों की भूमि उपयोग और डायवर्सन की विस्तृत जांच कराने की मांग की है। इस मांग के बाद क्षेत्र में जमीनों के रिकॉर्ड और नियमों के पालन को लेकर चर्चाओं का बाजार गर्म हो गया है।
चंद्रभान साहू ने अपने आवेदन में सवाल उठाया है कि सदर लाइन क्षेत्र में संचालित दुकानों, प्रतिष्ठानों और व्यवसायिक संस्थानों की भूमि आखिर नगर पालिका, नगर एवं ग्राम निवेश विभाग तथा राजस्व विभाग के अभिलेखों में किस प्रयोजन के लिए दर्ज है? साथ ही यह भी स्पष्ट किया जाए कि संबंधित भूमि का डायवर्सन हुआ है या नहीं, और यदि हुआ है तो किस उद्देश्य के लिए अनुमति प्रदान की गई है।
उन्होंने प्रशासन से मांग की है कि तीनों विभागों के बीच समन्वय स्थापित कर सदर लाइन क्षेत्र की समस्त व्यावसायिक भूमि के रिकॉर्ड की गहन जांच कराई जाए तथा एक सप्ताह के भीतर पूरी जानकारी सार्वजनिक की जाए।
चंद्रभान साहू का कहना है कि यह केवल जमीन का मामला नहीं, बल्कि जनहित, पारदर्शिता और नियमों के पालन से जुड़ा विषय है। शहर में तेजी से बढ़ रही व्यावसायिक गतिविधियों के बीच यह जानना जरूरी है कि कहीं नियमों को दरकिनार कर भूमि का उपयोग तो नहीं किया जा रहा।
अब सबकी निगाहें प्रशासन की कार्रवाई पर टिकी हैं। यदि जांच होती है तो सदर लाइन क्षेत्र की कई जमीनों और प्रतिष्ठानों के रिकॉर्ड पर से पर्दा उठ सकता है। प्रशासन इस मांग पर क्या कदम उठाता है, यह आने वाले दिनों में साफ होगा।

अमित कुमार मंडावी बालोद, छत्तीसगढ़ आधारित अनुभवी वरिष्ठ पत्रकार हैं, जिन्हें पत्रकारिता के क्षेत्र में 8 वर्षों से अधिक का अनुभव है। वे जमीनी स्तर की सटीक रिपोर्टिंग और निष्पक्ष पत्रकारिता के लिए पहचाने जाते हैं। वर्तमान में वे Chhattisgarhjunction.in के माध्यम से अपराध, प्रशासन, सामाजिक मुद्दों, ग्रामीण समस्याओं और जनहित से जुड़ी खबरों को प्रमुखता से सामने लाते हैं।

