खारून नदी बनी एक्सपायरी दवाइयों का अड्डा!
सैकड़ों ORS पाउच और जीवन रक्षक दवाइयां तेज बहाव में बहाई जा रहीं।

छत्तीसगढ़/बालोद/गुरुर/विशेष रिपोर्ट_
बालोद जिले के गुरूर तहसील क्षेत्र अंतर्गत सनौद थाना से लगे ग्राम पड़कीभाट से गुजरने वाली खारून नदी इन दिनों कथित रूप से एक्सपायरी दवाइयों को ठिकाने लगाने का माध्यम बनती जा रही है। नदी के तेज बहाव में अज्ञात व्यक्तियों द्वारा जीवन रक्षक दवाइयों को बहाए जाने का गंभीर मामला सामने आया है।

विनोद नेताम की ग्राउंड रिपोर्ट

नदी तट पर सैकड़ों की संख्या में ORS घोल के पाउच पाए गए, जिनकी एक्सपायरी लगभग एक माह पूर्व हो चुकी थी। स्थानीय ग्रामीणों ने बताया कि इस प्रकार की घटना पहली बार नहीं हुई है। पूर्व में भी इंजेक्शन एवं अन्य जीवन रक्षक दवाइयों को नदी में फेंके जाने की चर्चाएं सामने आती रही हैं।
प्रत्यक्षदर्शियों का दावा
ग्रामीणों का कहना है कि यह कृत्य किसी निजी मेडिकल स्टोर, झोलाछाप डॉक्टर या संबंधित स्वास्थ्य कर्मियों द्वारा किया गया हो सकता है। हालांकि इस संबंध में अभी तक किसी की आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है।
पर्यावरण व जनस्वास्थ्य पर खतरा
नदी में बहाई जा रही एक्सपायरी दवाइयों से पर्यावरण प्रदूषण का खतरा बढ़ गया है। साथ ही नदी में स्नान करने वाले लोगों के लिए भी यह स्थिति चिंताजनक है। ग्रामीणों ने आशंका जताई है कि दवाइयों के अवशेष जल को दूषित कर सकते हैं, जिससे स्वास्थ्य संबंधी समस्याएं उत्पन्न हो सकती हैं।
जरूरतमंदों तक नहीं पहुंच पाती दवा
एक ओर जहां ग्रामीण क्षेत्रों में जरूरतमंद लोगों को समय पर ORS जैसे जीवन रक्षक घोल उपलब्ध नहीं हो पाते, वहीं दूसरी ओर सैकड़ों पाउच का इस प्रकार नदी में फेंका जाना गंभीर लापरवाही की ओर संकेत करता है। डिहाइड्रेशन जैसी समस्याओं से हर वर्ष कई लोगों की जान जोखिम में पड़ती है।
स्वास्थ्य व्यवस्था पर उठे सवाल
प्रदेश में बेहतर स्वास्थ्य सुविधा प्रदान करने के दावों के बीच यह घटना जमीनी सच्चाई को उजागर करती है। ग्रामीण इलाकों में आज भी सरकारी स्वास्थ्य सेवाओं की स्थिति संतोषजनक नहीं मानी जा रही है, जिसके कारण लोग निजी चिकित्सकों पर निर्भर रहने को विवश हैं।
प्रशासन से जांच की मांग
स्थानीय नागरिकों ने मामले की निष्पक्ष जांच कर दोषियों के विरुद्ध सख्त कार्रवाई की मांग की है। ग्रामीणों का कहना है कि यदि समय रहते इस प्रकार की घटनाओं पर रोक नहीं लगी, तो यह पर्यावरण एवं जनस्वास्थ्य दोनों के लिए गंभीर खतरा बन सकता है।

By Amit Mandavi

अमित कुमार मंडावी बालोद, छत्तीसगढ़ आधारित अनुभवी वरिष्ठ पत्रकार हैं, जिन्हें पत्रकारिता के क्षेत्र में 8 वर्षों से अधिक का अनुभव है। वे जमीनी स्तर की सटीक रिपोर्टिंग और निष्पक्ष पत्रकारिता के लिए पहचाने जाते हैं। वर्तमान में वे Chhattisgarhjunction.in के माध्यम से अपराध, प्रशासन, सामाजिक मुद्दों, ग्रामीण समस्याओं और जनहित से जुड़ी खबरों को प्रमुखता से सामने लाते हैं।

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