विनोद नेताम वरिष्ठ पत्रकार
छत्तीसगढ़ /बालोद / दल्ली राजहारा / विशेष रिपोर्ट_
छत्तीसगढ़ के उपमुख्यमंत्री एवं गृहमंत्री विजय शर्मा के प्रभार वाले जिले बालोद की अयस्क नगरी दल्ली राजहरा में एक ऐसी घटना सामने आई है जिसने प्रदेश की सियासत में हलचल मचा दी है।
दल्ली राजहारा में अवैध कारोबार के खिलाफ आवाज उठाने पर भाजपा पार्षद पर जानलेवा हमला,हमले में घायल पार्षद विरेन्द्र साहू ने घटना के पीछे भारतीय जनता पार्टी के ही एक बड़े बड़े युवा नेता का नाम लिया है। इससे पहले दल्लीराजहरा के लोकप्रिय पार्षद विरेन्द्र साहू ने उक्त बीजेपी नेता के खिलाफ कानूनी कार्यवाही हेतू थाना में मामला दर्ज कराया था किंन्तु राजनितिक संरक्षण से लबरेज उक्त लोकप्रिय युवा नेता का कोई बाल भी बांका नहीं हो पाया। फलस्वरूप अवैध कारोबार को लेकर मजबूती के साथ अवाज बुलंद करने वाले पार्षद पर जानलेवा हमला होने की खबर जगजाहिर है।
यहां अवैध कारोबार के खिलाफ आवाज उठाने वाले सत्ताधारी दल


“जरा सोचिये जब सत्ता का पार्षद ही सुरक्षित नहीं… तो आम जनता किस भरोसे?”
अवैध कारोबार के खिलाफ आवाज… और मिला हमला
जानकारी के मुताबिक पार्षद वीरेंद्र साहू ने कुछ समय पहले शहर में चल रहे कथित अवैध कारोबार को लेकर गंभीर आरोप लगाए थे। उन्होंने स्थानीय भाजपा नेता सौरभ लूनिया का नाम लेते हुए शिकायत भी दर्ज कराई थी।
हमले के बाद पार्षद ने एक बार फिर वही आरोप दोहराए हैं और कहा है कि अवैध गतिविधियों के खिलाफ आवाज उठाने की वजह से उन्हें निशाना बनाया गया।
शहर के राजनीतिक गलियारों में यह चर्चा भी तेज है कि जिन लोगों पर आरोप लगाए जा रहे हैं, वे इलाके में काफी प्रभावशाली माने जाते हैं।
शहर में बढ़ता अवैध कारोबार
वार्डों में खुलेआम अवैध गतिविधियों की चर्चा
विरोध करने वालों को धमकाने की शिकायत
स्थानीय स्तर पर राजनीतिक संरक्षण मिलने की आशंका
पार्षद पर हमले के बाद कानून-व्यवस्था पर सवाल,शहर में गूंज रहे सवाल।
घटना के बाद स्थानीय लोगों में नाराजगी देखी जा रही है। नागरिकों का कहना है कि अगर सत्ताधारी दल के प्रतिनिधि ही हमले का शिकार हो रहे हैं, तो आम लोगों की सुरक्षा को लेकर चिंता स्वाभाविक है।
लोगों ने प्रशासन से मांग की है कि
अवैध कारोबार पर कड़ी कार्रवाई हो
हमले के आरोपियों को जल्द गिरफ्तार किया जाए
पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कराई जाए
सत्ता के भीतर टकराव की चर्चा
राजनीतिक हलकों में यह भी कहा जा रहा है कि शहर में कुछ युवा नेताओं के बीच प्रभाव और वर्चस्व को लेकर प्रतिस्पर्धा बढ़ गई है। इस कारण छोटी-छोटी घटनाएं भी बड़े राजनीतिक विवाद का रूप लेती जा रही हैं।
इसी बीच यह भी सवाल उठ रहा है कि क्या अवैध कारोबार को लेकर चल रही खींचतान अब राजनीतिक संघर्ष में बदलती जा रही है।
भाजपा जिलाध्यक्ष से संपर्क नहीं
इस मामले में भाजपा जिला अध्यक्ष चेमन देशमुख से संपर्क करने का प्रयास किया गया, लेकिन उनसे बात नहीं हो सकी। ऐसे में इस घटना को लेकर पार्टी का आधिकारिक पक्ष अभी सामने नहीं आया है।
सबसे बड़ा सवाल
सरकार एक तरफ अवैध कारोबार पर सख्ती और कानून-व्यवस्था मजबूत होने का दावा करती है, वहीं दूसरी तरफ उसी सरकार के क्षेत्र में सत्ताधारी दल के पार्षद पर हमला कई गंभीर सवाल खड़े कर रहा है।
क्या दल्ली राजहारा में अवैध कारोबार बेलगाम हो चुका है?
या फिर यह मामला स्थानीय स्तर की राजनीतिक खींचतान का नतीजा है?
इन सवालों के जवाब अब प्रशासन और सरकार को देने होंगे।

अमित कुमार मंडावी बालोद, छत्तीसगढ़ आधारित अनुभवी वरिष्ठ पत्रकार हैं, जिन्हें पत्रकारिता के क्षेत्र में 8 वर्षों से अधिक का अनुभव है। वे जमीनी स्तर की सटीक रिपोर्टिंग और निष्पक्ष पत्रकारिता के लिए पहचाने जाते हैं। वर्तमान में वे Chhattisgarhjunction.in के माध्यम से अपराध, प्रशासन, सामाजिक मुद्दों, ग्रामीण समस्याओं और जनहित से जुड़ी खबरों को प्रमुखता से सामने लाते हैं।

