विनोद नेताम

छत्तीसगढ़/बालोद/गुरुर_
जिस धरती को मेहनतकश किसानों ने अपने खून-पसीने से सींचकर “डबल प्लान एरिया” की पहचान दिलाई, आज वही गुरूर अंचल बदहाल प्रशासनिक लापरवाही और राजनीतिक उदासीनता के कारण नशे की गिरफ्त में कराह रहा है।

अमृतकाल के दावों के बीच यह कहना कड़वा जरूर है, मगर सच यही है कि जिले की इस उपजाऊ सरजमीं को जिम्मेदार तंत्र ने बर्बादी के मुहाने पर छोड़ दिया है।
गुरूर विकासखंड, जो कभी धान की लहलहाती फसलों और समृद्ध खेती-किसानी के लिए जाना जाता था, आज गांव-गली, चौक-चौराहों पर खुलेआम बहते नशे के जहर से सिसक रहा है। शराब, गांजा और अन्य मादक पदार्थों का फैलता कारोबार अब सामाजिक ताने-बाने को भीतर से खोखला कर रहा है।

हालात इतने भयावह हैं कि युवाओं की नसों में सपनों की जगह जहर दौड़ाया जा रहा है,और जिम्मेदार सिस्टम आंख मूंदे बैठा है।
विडंबना देखिए,यह वही धरती है जिसने जिले को कई कद्दावर जनप्रतिनिधि दिए,जिनकी राजनीतिक पकड़ और प्रभाव प्रदेश तक माना जाता है। क्षेत्र के जनप्रतिनिधि हर छोटी-बड़ी समस्या से भलीभांति परिचित हैं, लेकिन जब बात नशे के इस सुनियोजित विनाश की आती है, तो उनकी आवाज रहस्यमयी खामोशी में बदल जाती है। सवाल उठता है,क्या सत्ता की राजनीति ने जनसेवा की आत्मा को निगल लिया है?
समाज का हर जागरूक नागरिक जानता है कि नशा केवल व्यक्ति को नहीं,पूरे परिवार,पीढ़ी और संस्कृति को बर्बाद करता है।

गुरूर में बढ़ती नशाखोरी अब सामाजिक असंतुलन, अपराध और पारिवारिक विघटन की बड़ी वजह बनती जा रही है। यदि अभी भी जनप्रतिनिधि और प्रशासन नहीं चेते, तो आने वाली पीढ़ियां इस चुप्पी को माफ नहीं करेंगी।
अब वक्त आ गया है कि गुरूर के तमाम राजनीतिक चेहरे दलगत सीमाओं से ऊपर उठें और नशा माफियाओं के खिलाफ निर्णायक जंग छेड़ें। वरना इतिहास यह दर्ज करेगा कि जब मातृभूमि जल रही थी, तब उसके रखवाले सत्ता के गलियारों में मौन सौदेबाजी में व्यस्त थे। गुरूर की जनता अब जवाब मांग रही है,आखिर उनकी धरती को नशे के हवाले किसके इशारे पर किया जा रहा है?

By Amit Mandavi

अमित कुमार मंडावी बालोद, छत्तीसगढ़ आधारित अनुभवी वरिष्ठ पत्रकार हैं, जिन्हें पत्रकारिता के क्षेत्र में 8 वर्षों से अधिक का अनुभव है। वे जमीनी स्तर की सटीक रिपोर्टिंग और निष्पक्ष पत्रकारिता के लिए पहचाने जाते हैं। वर्तमान में वे Chhattisgarhjunction.in के माध्यम से अपराध, प्रशासन, सामाजिक मुद्दों, ग्रामीण समस्याओं और जनहित से जुड़ी खबरों को प्रमुखता से सामने लाते हैं।

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