विनोद नेताम (वरिष्ठ पत्रकार)
छत्तीसगढ़/बालोद/गुरुर/विशेष रिपोर्ट_
(छत्तीसगढ़) 21 फरवरी।
छत्तीसगढ़ में कानून-व्यवस्था को सुदृढ़ बनाने के सरकारी प्रयासों के बीच बालोद जिले के पुरूर थाना क्षेत्र से एक बेहद गंभीर मामला सामने आया है।
ग्राम मिर्रीटोला निवासी पुरानिक जोशी (52 वर्ष) द्वारा कथित पुलिस प्रताड़ना से परेशान होकर आत्महत्या कर लेने की घटना से क्षेत्र में आक्रोश फैल गया है। घटना के बाद सतनामी समाज सहित स्थानीय ग्रामीणों ने जमकर विरोध प्रदर्शन किया।
क्या है पूरा मामला?
प्राप्त जानकारी के अनुसार, 21 फरवरी की रात पुरानिक जोशी ने अपने घर में फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली। परिजनों का आरोप है कि कुछ दिन पूर्व वे अपने रिश्तेदारों के साथ शादी समारोह से लौटे थे। वापसी के दौरान उन्होंने करहीभदर स्थित शराब दुकान से शराब खरीदी थी। घर पर शराब सेवन के दौरान पुरूर थाना की पुलिस मौके पर पहुंची और पुरानिक जोशी सहित अन्य लोगों को थाने ले गई।
परिजनों एवं प्रत्यक्षदर्शियों का आरोप है कि थाना परिसर में मृतक से 30,000 रुपये की मांग की गई और रकम न देने पर जेल भेजने की धमकी दी गई। बताया जाता है कि मृतक ने किसी तरह लगभग 25,000 रुपये की व्यवस्था कर पुलिस को दे दिए, लेकिन कथित दबाव और अपमान से वे गहरे आहत थे। इसी मानसिक तनाव के चलते उन्होंने आत्मघाती कदम उठा लिया।
पुलिस पर गंभीर आरोप
परिवार का आरोप है कि थाना क्षेत्र में अवैध उगाही का सिलसिला लंबे समय से जारी है। गरीब लोगों पर दबाव बनाकर धन वसूली की जाती है, जबकि क्षेत्र के कई ढाबों में कथित रूप से खुलेआम अवैध शराब परोसी जा रही है।
जनप्रतिनिधियों की प्रतिक्रिया
संजारी-बालोद विधानसभा क्षेत्र के पूर्व विधायक भैय्याराम सिन्हा ने घटना की कड़ी निंदा करते हुए आरोपी पुलिसकर्मियों को तत्काल निलंबित करने और निष्पक्ष जांच की मांग की है। उन्होंने मृतक के परिजनों को उचित मुआवजा देने की भी बात कही।
इस बीच ब्लॉक कांग्रेस अध्यक्ष किशोर साहू, कांग्रेस महामंत्री शादिक अली, जितेंद्र यादव भी घटना स्थल पर मौजूद थे और इस घटनाक्रम की पूरी वाक्या पर कड़ी निंदा करते हुए। दोषी पुलिस वालो के खिलाफ तत्काल कार्यवाही की मांग पर डटे रहे है।
वहीं जोहार छत्तीसगढ़ पार्टी के नेता निखलेश दिवान ने इसे “पुलिस प्रशासन की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल” बताते हुए संबंधित पुलिसकर्मियों पर कानूनी कार्रवाई की मांग की है।
क्षेत्र में तनाव का माहौल
घटना के बाद सतनामी समाज एवं ग्रामीणों में भारी आक्रोश देखा गया। प्रदर्शनकारियों ने दोषी पुलिसकर्मियों पर हत्या का मामला दर्ज करने की मांग की है। क्षेत्र में शांति बनाए रखने हेतु अतिरिक्त पुलिस बल तैनात किया गया है।
प्रशासन से उठ रहे सवाल
यह घटना राज्य में पुलिस की कार्यप्रणाली पर गंभीर प्रश्नचिह्न खड़ा करती है। यदि आरोप सत्य पाए जाते हैं, तो यह न केवल एक व्यक्ति की मृत्यु बल्कि कानून व्यवस्था पर भी आघात माना जाएगा।
अब देखना होगा कि प्रशासन इस संवेदनशील मामले में कितनी पारदर्शिता और तत्परता से कार्रवाई करता है।
यह अब देखने वाली बात है।


अमित कुमार मंडावी बालोद, छत्तीसगढ़ आधारित अनुभवी वरिष्ठ पत्रकार हैं, जिन्हें पत्रकारिता के क्षेत्र में 8 वर्षों से अधिक का अनुभव है। वे जमीनी स्तर की सटीक रिपोर्टिंग और निष्पक्ष पत्रकारिता के लिए पहचाने जाते हैं। वर्तमान में वे Chhattisgarhjunction.in के माध्यम से अपराध, प्रशासन, सामाजिक मुद्दों, ग्रामीण समस्याओं और जनहित से जुड़ी खबरों को प्रमुखता से सामने लाते हैं।

