40 साल बाद जागा प्रशासन: सदर रोड अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई शुरू, जननायक चंद्रभान साहू के धरने का दिखा असर।

विनोद नेताम

छत्तीसगढ़/बालोद/विशेष रिपोर्ट_

बालोद शहर के सबसे व्यस्त और ऐतिहासिक सदर बाजार रोड पर लगभग 40 वर्षों से पसरा अतिक्रमण आखिरकार प्रशासन की नींद तोड़ने में सफल होता नजर आ रहा है। वर्षों से सड़क पर फैले अवैध कब्जों, संकरी होती राहों और रोजाना लगने वाले जाम ने आम नागरिकों, व्यापारियों और राहगीरों का जीना दूभर कर दिया था। लेकिन लंबे समय तक जिला प्रशासन इस गंभीर समस्या पर आंख मूंदे बैठा रहा।
विडंबना यह रही कि जहां एक ओर प्रशासन गरीब और कमजोर तबकों के घरों तक बुलडोजर पहुंचाने में तेजी दिखाता रहा, वहीं शहर के बीचोंबीच सदर रोड के अतिक्रमण पर कार्रवाई को लेकर सुस्त और मौन बना रहा। इससे बालोदवासियों में लगातार आक्रोश और नाराजगी बढ़ती जा रही थी।
इसी जनसमस्या को लेकर जननायक चंद्रभान साहू ने मोर्चा संभाला और शांतिपूर्ण लेकिन प्रभावशाली अंदाज में दो दिवसीय धरना प्रदर्शन कर प्रशासन को कटघरे में खड़ा कर दिया। धरने के दौरान उन्होंने प्रशासन को प्रतीकात्मक रूप से “हथौड़ा” भेंट कर यह तीखा सवाल उठाया कि “आखिर बालोदवासियों को जाम, अव्यवस्था और अतिक्रमण से मुक्ति कब मिलेगी?”
चंद्रभान साहू के धरने ने न सिर्फ जनता की आवाज को बुलंद किया, बल्कि प्रशासन पर दबाव भी बनाया। धरना स्थल पर बड़ी संख्या में नागरिकों ने समर्थन देकर यह स्पष्ट कर दिया कि अब बालोद की जनता वर्षों पुरानी लापरवाही को और बर्दाश्त करने के मूड में नहीं है।
धरने के दौरान प्रशासन ने जल्द कार्रवाई का आश्वासन दिया था, और अब उसी का असर दिखाई देता नजर आ रहा है। सुबह से प्रशासनिक अमला सदर रोड पर पहुंचकर अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई में जुटा रहा। बुलडोजर और अन्य संसाधनों के साथ अवैध कब्जों को हटाने का कार्य शुरू किया गया, जिससे वर्षों पुरानी समस्या के समाधान की उम्मीद जगी है।

हालांकि कार्रवाई के बीच स्थानीय लोगों ने यह आरोप भी लगाए कि कुछ अतिक्रमणकारियों को राहत देने या बचाने की कोशिश की जा रही है। इस पर नागरिकों ने साफ कहा कि यदि अभियान निष्पक्ष नहीं हुआ, तो यह सिर्फ दिखावा बनकर रह जाएगा। लोगों की मांग है कि कार्रवाई बिना किसी भेदभाव, दबाव और पक्षपात के हो, ताकि सदर रोड को स्थायी रूप से अतिक्रमण मुक्त किया जा सके।
बालोदवासियों का मानना है कि यदि प्रशासन इस बार ईमानदारी और निरंतरता के साथ अभियान चलाता है, तो शहर को जाम, अव्यवस्था और दुर्घटनाओं से बड़ी राहत मिल सकती है।
जनता के बीच अब यह चर्चा तेज है कि अगर जननायक चंद्रभान साहू ने इस मुद्दे को लेकर आवाज न उठाई होती, तो शायद प्रशासन की फाइलें और आश्वासन ही चलते रहते। फिलहाल सदर रोड पर शुरू हुई कार्रवाई ने यह साबित कर दिया है कि जब जनता संगठित होती है और नेतृत्व मजबूत होता है, तो वर्षों पुरानी समस्याएं भी हिलने लगती हैं।

By Amit Mandavi

अमित कुमार मंडावी बालोद, छत्तीसगढ़ आधारित अनुभवी वरिष्ठ पत्रकार हैं, जिन्हें पत्रकारिता के क्षेत्र में 8 वर्षों से अधिक का अनुभव है। वे जमीनी स्तर की सटीक रिपोर्टिंग और निष्पक्ष पत्रकारिता के लिए पहचाने जाते हैं। वर्तमान में वे Chhattisgarhjunction.in के माध्यम से अपराध, प्रशासन, सामाजिक मुद्दों, ग्रामीण समस्याओं और जनहित से जुड़ी खबरों को प्रमुखता से सामने लाते हैं।

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