विनोद नेताम)वरिष्ठ पत्रकार)
छत्तीसगढ़/बालोद/पुरूर/गुरुर/ विशेष रिपोर्ट _
“बालोद पुलिस का अवैध उगाही करने वाले वर्दीधारियों के नाम एक बढ़िया संदेश, सैंय्या भये कोतवाल तो डर किस बात का, हैरत की बात नहीं जो तुम्हे अच्छा लगे वही करो“
कथित रूप से पुरूर थाना क्षेत्र के ग्राम मिर्रीटोला में रहने वाले 52 वर्षिय पुरानिक जोशी को आत्महत्या हेतू प्रेरित और प्रताड़ित करने वाले पुलिस कर्मचारियों के खिलाफ कार्यवाही के नाम पर महज खाना पुर्ती आखिरकार प्रशासन की ओर से क्यूँ की गई है ?जबकि अवैध शराब का मामला बनाकर पच्चीस हजार रूपया का उगाही करने का आरोप भी मृतक पुरानिक जोशी के परिजनों ने बकायदा पुरूर पुलिस के माथे पर जड़ा है ऊपर से मृतक के खिलाफ शराब के मामले में पुरूर पुलिस ने कानूनी कार्यवाही को नस्तीबद्ध किया है। बावजूद इसके बालोद पुलिस की संवेदनशीलता अवैध उगाही के मामले में मिशाल देने लायक प्रतित नजर आ रहा है।
वंही आरोपी पुलिस कर्मियों के खिलाफ कार्यवाही नहीं कर निर्दोष आरक्षक लिखेन्द्र साहू को बनाया गया फोकट में बलि का बकरा और पुरूर थाना से भेज दिया रनचिरई थाना में, लेकिन पुरानिक जोशी के मौत पर नोट की गड्डी में थूंक लगाकर मूंछ पर ताव देने वाले आरोपी पुलिस कर्मी अब किसी और पुरानिक जोशी के तलाश में बताए जा रहे है।

अब ऐसे में सतनामी समाज ने पुरानिक जोशी के मामले में आरोपी पुलिस कर्मियों के खिलाफ उचित कार्यवाही नहीं किये जाने को लेकर नेशनल हाईवे 30 यानि की ग्राम मिर्रीटोला (पुरूर ) के भीतर में दिनांक….आरोपी पुलिस कर्मचारियों के खिलाफ धरना प्रदर्शन करने का ऐलान किया है।

किसी भी जवाबदेह और जिम्मेदार गणमान्य महापुरुषों ने पुरानिक जोशी के आत्महत्या के सिलसिले में सतनामी समाज के द्वारा प्रस्तावित धरना से जुड़े हुए सवालों पर नहीं उठाया फोन।
उक्त मामले को लेकर जवाबदेह लोगों की जुबान बंद होना,जबावदेही के नाम गैरजवाबदेही का जिता जागता प्रतीक है।
ऐसे छत्तीसगढ़ राज्य के भीतर में मौजूद कानून व्यवस्था का बखान किस तरीके से और किस अंदाज में सांय साय छत्तीसगढ़ के अवाम करे यह एक बड़ा सवाल है।
छत्तीसगढ़ में कानून व्यवस्था की हालत बुरी तरह से तहस नहस हो चुकी है हालांकि की इस बात पर छत्तीसगढ़ राज्य सरकार की दलील कुछ अलग और जूदा हो सकती और होना भी चाहिए,जाहिर सी बात है कोई भी सख्त अपनी खुद का आलोचना खुद नहीं कर सकता है। बावजूद इसके सरकार को यह प्रयास करते रहना चाहिए कि उनकी नियत और निती पर कोई सवाल खडा ना सके क्योंकि सरकार की निती और नियत में जरा सा भी फर्क दिखाई दिया तो शायद सरकार की छवि पर आंय बांय और सांय सांय तरीके साफ फर्क पड़ने का डर बना रहता है।
बहरहाल कानून व्यवस्था को पूरे प्रदेश भर के अंदर में बेहतर से बेहतरीन बनाने की जवाबदेही पुलिस महकमा के कंधो पर है। हालांकि छत्तीसगढ़ के भीतर में पुलिस महकमा को लेकर इन दिनों जगह जगह पर सवाल खड़े किये जा रहा है।
गौरतलब हो कि छत्तीसगढ़ प्रदेश के भीतर में बिगड़ी हुई कानून व्यवस्था को लेकर यदि सवाल विपक्ष के नेतागण खड़े करते तो इसे राजनितिक भाषा में जलनखोरी की श्रेणी में गिना जा सकता था, परंतु जब सत्ता पक्ष के नेता भी बिगड़ी हुई कानून व्यवस्था पर सवाल उठाने लगे,तब तो यह समझना आसान हो जाता है कि दाल थोड़ी मोडी काली नहीं बल्कि पुरी की पुरी दाल ही काली है।
इस कड़ी में जंहा बिते दिनों एसीबी के टीम ने एक (SI) सब इंस्पेक्टर को 25000 रुपए रिश्वत लेते हुए रंगे हाथ पकड़ा है। दराशल कोरिया जिले के पूरी चौकी में पदस्थ अब्दुल मुनाफ और गुरु प्रसाद यादव ने एक किसान को मर्डर केस में फसाने की धमकी दी और इस केस में उसी किसान को बचाने के लिए किस से रिश्वत भी मांगी।

वंही एक और मामले में बालोद जिले के पुरूर थाना में पदस्थ ASI एवं प्रधान आरक्षक अनंत सोनी समेत पुलिस वाहन चालक जैन पर पुरूर थाना क्षेत्र के पुरानिक जोशी के परिजनों ने भी निवछावर खोरी का गंभीर आरोप लगाया है।
राजधानी रायपुर के भीतर में अवैध नशा कारोबार में संलिप्तता सहित अवैध वसूली का आरोप लगना निश्चित रूप से पुलिस महकमा की भूमिका पर बहुत बड़ा सवाल है।

जिस पर भाजपा के वरिष्ठ नेता और विधायक अजय चंन्द्राकर तक ने भारतीय जनता पार्टी की अपनी ही डबल इंजन सरकार की रफतार पर गंभीर सवाल खड़े करते हुए खुलेआम दिखाई दिये है,तो वंही दूसरी तरफ कांग्रेस पार्टी के संजारी बालोद विधायक संगीता सिन्हा भी दो कदम आगे बढ़कर पुलिस महकमा निती और नियत के साथ जवाबदेही पर सवाल उठा रही है।
पुरूर थाना में घटित एक घटना का जिक्र करते हुए विधायक महोदया ने पुलिस महकमा की कार्यप्रणाली को लेकर गंभीरता से सवाल उठाने का काम किया है।

अमित कुमार मंडावी बालोद, छत्तीसगढ़ आधारित अनुभवी वरिष्ठ पत्रकार हैं, जिन्हें पत्रकारिता के क्षेत्र में 8 वर्षों से अधिक का अनुभव है। वे जमीनी स्तर की सटीक रिपोर्टिंग और निष्पक्ष पत्रकारिता के लिए पहचाने जाते हैं। वर्तमान में वे Chhattisgarhjunction.in के माध्यम से अपराध, प्रशासन, सामाजिक मुद्दों, ग्रामीण समस्याओं और जनहित से जुड़ी खबरों को प्रमुखता से सामने लाते हैं।

